सुमेर सिंह राव
उदयपुरवाटी/बाघोली ।
गुड़ा ढहर में शिव मंदिर के पास चल रही भागवत कथा में मंगलवार को भगवान की विभिन्न प्रकार की झांकियां सजाई गई। कथावाचक महाराज ने बताया कि भगवान ने सबसे पहले पूतना स्त्री का ही उद्धार क्यों किया। पूतना अविद्या है और भगवान जब कृपा करते हैं तो सबसे पहले अविद्या अहंकार को ही विनाश करते हैं । कथा में भगवान की माखन चोरी लीला का सजीव चित्रण किया गया ।वृन्दावन के कलाकारों द्वारा संगीत मय भजनों द्वारा नटखट नटखट नंद किशोर, माखन खा गयो माखन चोर । नाचे नन्दलाल नचावे हरि की मैया। में तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नाय माने मेरो मनुआ आदि भजनों के द्वारा महिलाओं ने नृत्य पेश करते हुए गोवर्धन महाराज का पूजन किया। मटकी फोड़ ,माखन चोरी आदि की विभिन्न प्रकार की झांकियां दिखाई गई। इस दौरान सुप्यार देवी, कृष्णा, मंजू देवी, राधा, संजू, कालूराम सैनी, नरेश सैनी, सुवा दास स्वामी, कालू राम स्वामी, घासी स्वामी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।