विधिक साक्षरता शिविर में बालिकाओं को आत्मरक्षा , अपराध नियंत्रण सहित तनाव प्रबंधन व आत्मसशक्तिकरण तकनीकों का अभ्यास करवाया
-बचपन सुरक्षित व सुदृढ़ बने यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है : तिवारी
बून्दी 04 नवंबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को शहर के महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्राधिकरण के पीएलवी डॉ सर्वेश तिवारी मुख्य वक्ता रहे। पीएलवी हँसराज चौधरी व शिक्षिकाओं ने बालिका सुरक्षा, मूल अधिकार, बाल अपराध नियन्त्रण, बाल श्रम उन्मूलन, नशामुक्ति, बालिका सशक्तिकरण एवं व्यक्तिव विकास के प्रति बालिकाओं को जागरूक किया। इस अवसर पर बालिकाओं को प्रायोगिक अभ्यास द्वारा तनाव प्रबंधन व एकाग्रता बढ़ाने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ सर्वेश तिवारी ने सकारात्मक चिंतन हेतु बालिकाओं को प्रेरित किया उन्होंने कहा कि स्वयं सिद्ध बनने के लिए पहले स्वयं का तनाव मुक्त होना बेहद आवश्यक है। आज की नई पीढ़ी मनोबल से कमजोर होती जा रही है जिसके कारण आत्महत्या जैसे अभिशाप देखने को मिल रहे हैं । तनाव प्रबंधन कैसे करें ? विषय पर जानकारी देते हुए तिवारी ने कहा कि नियमित दिनचर्या प्राणायाम योग व ध्यान हमारे व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं सुदृढ़ बचपन हो यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर तिवारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न प्रकार की विधिक सेवाओं की जानकारी दी। पीएलवी हंसराज चौधरी ने नई पीढ़ी के भटकने पर चिंता प्रकट करते हुए बाल अपराधों की प्रवृत्ति की जानकारी दी। बालश्रम व बाल विवाह के दुष्परिणामो पर प्रकाश डाला। आयोजन में विधिक जागरूकता के साथ स्वस्थ व्यक्तित्व उन्नयन का संकल्प दिलाया। संस्था परिवार की शकुंतला शर्मा, गायत्री श्रृंगी, अनुपमा गौतम शुभा गौतम व मधु शर्मा ने बालिकाओं के मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन यूनिट लीडर नीलम श्रीवास्तव ने किया। प्रभारी पूर्णिमा जोगणिया ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर संस्था के शिक्षक शिक्षिकाओं सहित कैंपस एंबेसडर आतिश वर्मा, लव शर्मा, रतन लाल उपस्थित रहे।