राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में गौसेवकों का आगाज

राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में गौसेवकों का आगाज

नन्दीगौवशों के लिए जमीन दे जिला कलेक्टर हमारा मकसद सिर्फ गौसेवा करना -- गौपाल माहेश्वरी

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान

बूंदी 3 दिसंबर, गोपाल गो सेवा संस्थान सचिव गौपाल माहेश्वरी ने बताया कि नन्दीशाला की मांग को लेकर हमारे गौसेवक 13 वे दिन भी धरने पर बैठे है जो उचित समाधान तक जारी रहेगा, जैसा कि पधार रहे राज्यसभा सांसद डा. किरोड़ीलाल मीणा स्वामी सच्चिदानंद महाराज, बीजेपी प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ ,भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी आदि बुंदी पहुंचकर गौसेवकों की सभा को संबोधित करेंगे ।

साथ ही कहाँ कि हमारे सेवाभावी गौ सेवक बैसहारा गौवंशों को दर दर भटकती गौमाता को स्थाई आश्रय दिलाने की मांग पर जिला कलेक्टर को पुर्व में ही दिए गए ज्ञापन को गंभीरता से लेना चाहिए था हमारे गौसेवक ने वर्ष 2016 में भी नन्दीगौशाला के लिए 60 बीघा भुमि की मांग को लेकर अनशन किया था जिसमें कलेक्टर प्रशासन द्वारा भुमि देने का आश्वासन दिया था जो प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी व यहाँ के स्वपोषी अवैध कब्जाधारी नेताओं के कारण जमीन नहीं मिल पाई और 2 दिन पुर्व भी जिला कलेक्टर द्वारा हमारे गौसेवक प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर 60 दिन बाद हमारी मांग पुरी करने का आश्वासन दिया जो हमने ठुकरा दिया और में स्पष्ट करता हुं की हमें हमारे लिए नहीं बल्कि नन्दीशाला के लिए जमीन दे, जिला कलेक्टर, जिला प्रशासन को जनहित कार्यो के लिए संवैधानिक पद मिला है उस पर बैठ नैतिक दायित्वों का निर्वहन करें संविधान से मिली भरपूर शक्तियों का इस्तेमाल करें यदि आप साफ दामन रखते है तो राजनीतिक दबाव में न रहकर गौमाता के लिए अच्छा काम करे.

गोपाल गौ सेवा संस्थान बुंदी का सिर्फ गौसेवा करना मकसद है इसी भाव से हमारे संस्थान ने बुंदी नगर परिषद को खुद की गौशाला के लिए सिलोर रोड़ पर मोजुद सिवायचक भुमि को काफी प्रयास कर आवंटन कराया था परंतु बुंदी का दुर्भाग्य है जो हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन उसे बुंदी सभापति के अवैध कब्जे से आज तक मुक्त नहीं करा पाया
ऐसे में वर्षों से वोटबैंक की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन व बुंदी नगर परिषद के पदाधिकारियों द्वारा गौमाता व आमजन की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है जो मुकदमा दर्ज किया जाकर सख्त कार्यवाही करने योग्य है.