कोटा डीआरएम मनीष तिवारी ने मंडल कार्यालय में की प्रेसवार्ता
कोटा। भारतीय रेल निरंतर चहुंमुखी विकास के पथ पर अग्रसर है। भारतीय रेल आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त करते हुए लगातार आधुनिक, तेज, सुरक्षित और समावेशी हो रही है। भारतीय रेल में रेल अधोसंरचनाओं का निरंतर विकास हो रहा है। भारतीय रेलवे, रेलवे के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय रेल देश की जीवनरेखा है और ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए एक महत्वपूर्ण स्तंभ की तरह विकसित भारत के सपने को साकार करने में बहुमूल्य योगदान दे रही है। देश की अर्थव्यवस्था में भारतीय रेल का बहुत बड़ा योगदान है। टिकट बुकिंग से लेकर माल बुकिंग हेतु नई-नई तकनीकों का प्रयोग कर सरल एवं आसान बनाया गया है, जिसके फलस्वरूप भारतीय रेलवे ने माल लदान में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयात-निर्यात के लिए बड़े पैमाने पर रेलवे का उपयोग किया जा रहा है। जिससे निरंतर आर्थिक विकास हो रहा है। यह जानकारी मंडल रेल प्रबंधक, कोटा मनीष तिवारी नें 10 मार्च को मंडल कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को दी।
डीआरएम नें बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों द्वारा 12 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम 85 हजार करोड़ की अधिक लागत से भारतीय रेल की विभिन्न परियोजनाओ का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जायेगा जिसमे कोटा मंडल अंतर्गत 6 स्टेशनों गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, भरतपुर, सुवासरा पर “एक स्टेशन एक उत्पाद” स्टालों का लोकार्पण, सवाई माधोपुर स्टेशन पर 10 लाख रूपये की लागत से तैयार एक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का लोकार्पण, 82.64 करोड़ की लागत से माल डिब्बा मरम्मत कारखाना का आधुनिकरण का लोकार्पण, 3032.46 करोड़ की लागत से रामगंजमंडी-भोपाल नई रेललाइन परियोजना का घाटोली स्टेशन से लोकार्पण किया जायेगा।