विधायक नौक्षम चौधरी ने किया विकसित भारत शिविर का निरीक्षण
डीग, जिले में 6 स्थानों पर शिविर आयोजित विधायक नौक्षम चौधरी द्वारा गुरुवार को डीग के उपखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत लादमका के विकसित भारत शिविर का निरीक्षण किया गया । विधायक ने शिविर में बांटे गैस कनेक्शन, निरीक्षण के दौरान शिविर में भारी मात्रा में पात्र व्यक्तियों ने भाग लिया और कैंप में चल रहे योजनाओं में पंजीकरण करवाया। इस दौरान विधायक महोदया द्वारा अवगत कराया गया कि शिविर में केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। विधायक महोदया ने बताया कि शिविर में एलईडी वैन द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कैंप में आई महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन भी प्रदान किया।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने शिविर में उपस्थित अधिकारियों से बातचीत की और उन्हें निर्देशित किया कि वह कैंप में आए सभी पात्र व्यक्तियों की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रभाव से उनका निराकरण करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने खास तौर पर जनता की मूल समस्या जैसे पेयजल, शौचालय, गैस कनेक्शन इत्यादि पर विशेष ध्यान रखने के समुचित दिशा निर्देश प्रदान किया। इस दौरान स्कूल के छात्राओं ने शिविर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर आमजनों को जागरूक किया। कुम्हेर, कामां और पहाड़ी में भी शिविर आयोजित इस दौरान कुम्हेर, कामां और पहाड़ी के ग्राम पंचायतों में भी शिविर आयोजित किए गए।
शिविरों में एलईडी वैन का स्वागत समिति द्वारा भव्य अभिवादन किया गया और इसके बाद विधिवत रूप से शिविर का आगाज़ हुआ। शिविर में चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जलदाय विभाग, बिजली विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों ने शिरकत की और आमजन के समस्याओं को धैर्य पूर्वक सुना और मौके पर उसका निस्तारण करवाया । शिविरों से किसानों तक पहुंचा लाभ कामां के ग्राम पंचायत लुहेसर में लगे शिविर के दौरान राम सिंह ने बताया कि कैंप में भाग लेने से उन्हें जैविक खेती के बारे में पता चला।
उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने के कारण उनके खेत में अपूर्व परिवर्तन हुआ है और पैदावार में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में वे अब डीएपी और यूरिया का उपयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसा करने से उन्हें अपने खेतों में कम पानी का उपयोग करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे एक बार जैविक खेती जरूर अपनाएं और गोबर, पत्ते और हरी खाद का ज्यादा से ज्यादा इस्तमाल करे।