बाघी नेताओं को NCP ने किया बर्खास्त, अयोग्य ठहराने हेतु विधानसभा के अध्यक्षत दी याचिका
महाराष्ट्र न्यूज। महाराष्ट्र में चल रही सियासी उठापटक के बीच एवं शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी ने बाघी विधायकों पर कार्यवाही करना शुरू कर दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को राकांपा से हटा दिया। वहीं, दूसरी तरफ अजित पवार खेमे ने पलटवार करते हुए जयंत पाटिल की जगह सुनील तटकरे को अपने गुट वाली पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है।
प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे के अलावा एनसीपी ने रविवार को राजभवन में शपथ समारोह में भाग लेने के लिए पार्टी के तीन नेताओं . नरेंद्र राठौड़, विजय देशमुख और शिवाजीराव गर्जे को भी बर्खास्त कर दिया। दूसरी ओर एसीपी के बाघी गुट के सदस्य वहीं प्रफुल्ल पटेल ने घोषणा की कि अजित पवार को पार्टी का ग्रुप लीडर बनाया जायेगा।
वहीं, शरद पवार गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को एक याचिका सौंपी है। जिसमें अजीत पवार और उनके आठ वफादारों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
एनसीपी पार्टी ने भारतीय चुनाव आयोग ;ईसी को भी पत्र लिखकर बताया है कि 1999 में एनसीपी की स्थापना करने वाले शरद पवार पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे और नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा।
अयोग्ता का नोटिस देने के बाद अजित पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयोग्यता नोटिस का कोई मूल्य नहीं है। उन्होंने कहा हममें से 9 के खिलाफ नोटिस हैं मुझे नहीं लगता कि नोटिस का कोई महत्व है। पार्टी हमारे साथ है।ष् जवाबी कार्रवाई में विद्रोहियों ने भी जयंत पाटिल और जितेंद्र अवहाद के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की।