अब शहर में हर हॉस्टल-पीजी का होगा सर्वे

-गेटकीपर ट्रेनिंग, हेंगिंग डिवाइस और फायर सेफ्टी की होगी जांच


- जिला प्रशासन के निर्देशों की पालना नहीं होने पर होगी कार्रवाई

कोटा 7 फरवरी । कोटा. शहर में कितने हॉस्टल्स हैं और पीजी में कितने स्टूडेंट्स रह रहे हैं, इसकी वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए अब जिला प्रशासन द्वारा जिला कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी के निर्देश पर सर्वे करवाया जाएगा। शहर में सकारात्मक माहौल और विद्यार्थियों में उत्साह बनाए रखने के लिए आयोजित की जा रही गेटकीपर ट्रेनिंग के साथ यह सर्वे शुरू किया जाएगा।
        
समन्वय नोडल अधिकारी सुनीता डागा ने बताया कि शहर के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्युल बनाकर गेटकीपर ट्रेनिंग करवाई जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में हॉस्टल संचालकों के साथ अन्य कार्मिक शामिल हो रहे हैं। इन सेशन्स में सभी कोचिंग इंस्टीट्यूट के कार्मिकों को भी ट्रेनिंग दिए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अब शहर के सभी क्षेत्रों में सघन सर्वे करवाया जा रहा है। इस सर्वे में हॉस्टल्स के साथ पीजी की भी जांच की जाएगी। सर्वे का उद्देश्य शहर में हॉस्टल्स की वस्तुस्थिति के साथ-साथ जिला प्रशासन के निर्देशों की पालना की जांच करना भी होगा। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर कई निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन यह देखने में आया है कि हॉस्टल्स व पीजी में इन नियमों की पालना नहीं हो रही है। इसे देखते हुए ही यह सर्वे शुरू करवाया जा रहा है।
         
सर्वे के दौरान यदि हॉस्टल्स में लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। मुख्यरूप से ऐसे हॉस्टल्स जहां के कार्मिकों ने गेटकीपर ट्रेनिंग नहीं ली है। कमरों में हैंगिंग डिवाइस नहीं लगी हुई है, या कैम्पस में फायर सेफ्टी के नियमों की पालना नहीं हो रही है तो ऐसे हॉस्टल/पीजी के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
     
उन्होंने बताया कि शहर के सभी हॉस्टल एसोसिएशन्स के सहयोग से हर क्षेत्र में गेट कीपर ट्रेनिंग निशुल्क आयोजित करवाई जा रही है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के परिसरों में सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स द्वारा यह ट्रेनिंग दी जा रही है, इसके बावजूद भी यदि हॉस्टल संचालक व अन्य कार्मिक इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं तो इसे भी गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे हॉस्टल्स के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आने वाले समय में जो सर्वे होगा उसमें हॉस्टल्स के कर्मचारियों के सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी। इसके अलावा हैंगिंग डिवाइस को लेकर भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं और हाल ही में हैंगिंग डिवाइस नहीं होने पर एक हॉस्टल सीज भी किया गया है। इसी तरह फायर सेफ्टी उपकरण नहीं होने पर कई हॉस्टल्स को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

महिला स्क्वाड का छात्राओं से संवाद
        
जिला प्रशासन द्वारा छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए महिला स्क्वाड का गठन किया गया है। महिला स्क्वाड ने अपना कार्य बुधवार से शुरू कर दिया। यहां लैंडमार्क सिटी में एलन संज्ञान कैम्पस में महिला स्क्वाड के सदस्य समन्वय अधिकारी सुनीता डागा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा तथा साइकोलॉजिस्ट पूर्ति शर्मा छात्राओं से मिले और उनसे बातचीत की। छात्राओं से निर्भिक होकर अपनी बात रखने के बारे में बताया। महिला स्क्वाड की चर्चा गुप्त रखी गई और छात्राओं को खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित किया गया।