जन्माष्टमी के दिन सचिन पायलट जयपुर के प्रसिद्ध मंदिर श्रीगोविंददेवजी की शरण में पहुंचे

जयपुर: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जन्माष्टमी पर जयपुर के आराध्या श्री गोविंददेवजी के आश्रम पहुंचे, उन्हें प्रणाम किया और दर्शन लाभ लिया। पायलट ने ठाकुरजी के दर्शन किए और आरती में भाग लिया। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने गले में दुपट्टा पहनकर ठाकुरजी का आशीर्वाद लिया। पायलट ने भगवान से देश और राज्य के लिए संपन्नता, बंधुत्व और सद्भाव की अपील की।

सचिन पायलट के साथ बड़ी संख्या में उनके सहयोगी भी थे। पायलट ने इस कार्यक्रम में कोई भी राजनीतिक अभिव्यक्ति करने से रोक दिया। इधर, जन्माष्टमी पर राजस्थान के महत्वपूर्ण कृष्ण मंदिर में सुरक्षा योजना को तेज कर दिया गया है। कान्हा के दर्शन के लिए उमड़े लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए दो साल बाद पुलिस बल को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। डीजीपी एमएल लाठेर ने सभी पुलिसकर्मियों को असाधारण निगरानी रखने के लिए शिक्षित किया है।

जन्माष्टमी पर राजस्थान के महत्वपूर्ण कृष्णा मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कान्हा के दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए दो साल बाद पुलिस बल को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। खाटू श्यामजी मंदिर दुर्घटना से दृष्टांत लेते हुए, महत्वपूर्ण कृष्ण मंदिरों में झुंड नियंत्रण के लिए अद्वितीय कार्रवाई की गई है। जाम लगाना, एक कतार में दर्शन व्यवस्था करना, दर्शन के बाद बाहर निकलना, मंदिरों से दूर जाना, जाम लगाना भी एक जगह भीड़ जमा न होने देने के लिए किया जा रहा है।

गोविंददेवजी मंदिर में एक संक्षिप्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। पुलिस संगठन के साथ गोपनीय सुरक्षा अधिकारियों को अवगत कराया गया है। मंदिर में 10 मेटल लोकेटर के जरिए पंखे दिए जा रहे हैं। मंदिर संगठन ने बीमार व वृद्ध, गर्भवती महिलाओं व बच्चों से मंदिर में न आने की बात कही है।

राजधानी जयपुर में गोविंददेवजी मंदिर के अंदर व बाहर छोटे-छोटे सीसीटीवी कैमरे लगा कर चेकिंग की जा रही है. जिसमें पुलिस, होम मॉनिटर, चिप इन और आउटफिट कमांडो को भेजा गया है। रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त शक्तियां, अधिकारी, आरएसी ब्रिगेड, क्यूआरटी समूह और मंदिर संगठन के स्वयंसेवकों को अवगत कराया गया है। प्रत्येक अतिथि को केवल एक धातु संकेतक के माध्यम से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। संदिग्धों की कड़ी जांच की जा रही है।