जयपुर। भारते के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधान मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत एससीओ के नए सदस्य देश ईरान का स्वागत करते हुए की। उन्होने कहा है कि इस साल हम एससीओ की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मैं एससीओ के नए सदस्य देश ईरान का स्वागत करता हूं।
प्रधानमंत्री ने इस आभासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अफगानिस्तान पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रमों का भारत जैसे पड़ोसी देशों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा और कहा कि देश में स्थिति पर क्षेत्रीय ध्यान और सहयोग की आवश्यकता है।
इस शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने चेतावनी ने सभी देशों को चेताया है और कहा कि अफगानिस्तान में निरंतर अस्थिरता और कट्टरवाद पूरी दुनिया में आतंकवादी और चरमपंथी विचारधाराओं को बढेवा देगा। मोदी ने कहा है कि अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन समावेशी नहीं है और बिना बातचीत के हुआ है।
इसके अलावा प्रधान मंत्री ने अफगानिस्तान के नागरिकों के सामने आने वाले मानवीय संकट पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि तालीबान के कब्जा किये जाने के बाद अफगानिस्तान वित्तीय और व्यापार प्रवाह में रुकावट आ गई है इस कारण अफगान लोगों की आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अब अफागानिस्तान में ड्रग्स, अवैध हथियारों और मानव तस्करी जैसे अपराध भी बढ सकते हैं।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से अपील की है और कहा कि वे अफगान में मानवीय सहायता पीछे नहीं हटें।