सम्यक जीवनशैली ही निरोगी जीवन का आधार-डॉ. सुभाष चन्द्र शर्मा

-10 दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर सम्पन्न


बूंदी, 15 जनवरी। आयुर्वेद विभाग के तत्वाधान में किसान भवन में आयोजित 10 दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर का सोमवार को समापन हुआ। आयुर्वेद विभाग के संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र शर्मा ने भगवान धन्वंतरि के दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
        
अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र शर्मा ने इस अवसर पर उपचारित रोगियों से फीडबैक प्राप्त किए तथा आमजन से निरोगी जीवन जीने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. रमेशचंद जैन, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अशोक सक्सेना, झालावाड़ के वरिष्ठ क्षारसूत्र विशेषज्ञ डॉ. बीएल यादव, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय कोटा के शल्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हरनारायण मीणा, शिविर प्रभारी डॉ. जीएल मालव, कोटा के अग्निकर्म विशेषज्ञ डॉ. चंद्रेश तिवारी, पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुशवाह समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।  
      
सहायक शिविर प्रभारी डॉ. नरेन्द्र कुमार, डॉ. मृत्यंजय गौतम ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर में इस आवासीय शिविर में जटिल, जीर्ण - कष्टसाध्य अर्श, पाइल्स,भगंदर, फिस्टुला,परिकर्तिका, फिशर आदि से पीड़ित रोगियों को 120 क्षारसूत्र-बस्तिकर्म तथा 1136 रोगियों को औषधि देकर उपचार किया गया।
       
शिविर प्रबंधक डॉ. भोलेश जैन ने बताया कि भामाशाहों की ओर से रोगियों को फल वितरण तथा भोजनशाला में सहयोग किया गया। इस अवसर पर 10 दिवसीय आवासीय शिविर में विशिष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले डॉ. बीएल यादव, डॉ. हरनारायण मीणा, डॉ.विजया जैन, डॉ. हेमलता सारस्वत, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. अंबरीष मीणा, डॉ. मनीष माथुर, डॉ. भवानी शंकर, डॉ.ओमप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ कंपाउंडर बालकिशन सुहल, रामपाल सैन, महेंद्र कुमार, चंद्रशेखर शर्मा,विशाल शर्मा , कैलाशचंद राठौर, अशोक शर्मा, पृथ्वीराज गोचर, महावीर मीणा, चेतना कुमारी, रेखा गुर्जर परिचारक हीरालाल सैनी,अनुराग शर्मा, महेंद्र खरौल आदि का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ब्रजमोहन सुमन ने किया।