यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए तैयार है रूस, बोले हर कॉसिंग पॉइंट पर सेना तैयार

जयपुर। यक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सूचित किया है कि यक्रेन की सीमा पर भारतीय छात्रों सहित जो भी विदशी नागरिक फंसे हुए हैं उन्हें निकालने के लिए रूस की आरामदायक बसें पूरी तरह से तैयार हैं। रूस ने कहा कि उनके सैनिक मदद करने के लिए हर क्रॉसिंग पॉइंट पर तैयार हैं।
बता दें कि यूक्रेन के ज़ापोरिज्ज्या परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूस के हमले के बाद, 15 देशों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई जिसे अल्बानिया, फ्रांस, आयरलैंड, नॉर्वे, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुलाया।

इस बैठक के दौरान, संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि रूसी सेना यूक्रेन में फंसे विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है। रूस के राजदूत ने यूक्रेन पर आरोप लगाया है कि यूक्रेन की सेना 3,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को पूर्वी यूक्रेन के खार्किव और सूमी शहरों में जबरदस्ती बंधक बनाये हुए हैं। यूक्रेन के सैनिक न केवल विदेशियों बल्कि यूक्रेनियन को भी देश नहीं छोडने दे रहे हैं।
रूस ने बताया कि यूक्रेन कके खार्किव शहर में भारत के 3,189 नागरिक, वियतनाम के 2,700 नागरिक, 202 नागरिक चीन के सूमी में भारत के 576 नागरिक, घाना के 101 नागरिक, चीन के 121 नागरिकों को बलपूर्वक बंधी बनाया हुआ है।

बैठक के दौरान रूसी राजदूत ने कहा​ कि "रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में, 130 आरामदायक बसें आज सुबह 6:00 बजे से भारतीय छात्रों और अन्य को निकालने के लिए खार्किव और सुमी जाने के लिए क्रॉसिंग पॉइंट 'नेखोटीवका' और 'सुजा' पर इंतजार कर रही हैं। रूसी दूत ने कहा कि चेकपॉइंट अस्थायी आवास, आराम के लिए जगह और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए सुसज्जित हैं। दवाओं के भंडार के साथ मोबाइल मेडिकल स्टेशन भी हैं।