Sanwaliya Seth Temple : सांवलिया जी मंदिर का खुला भंडार - निकली 10 करोड़ से ज्यादा की राशि, सोना-चांदी और सिक्कों की गिनती बाकी

Chittorgarh: चितौड़गढ़ जिले के कृष्ण धाम श्री सांवरिया सेठ मंगलवार चौदस के दिन सांवरिया सेठ का भंडार खोला गया। मंदिर परिषद के प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद्र दधीच ने बताया कि भंडार से 10 करोड़ 27 लाख 500 सेंट की राशि आई है. सुरक्षा मतगणना के दौरान मंदिर परिषद अध्यक्ष भेरू लाल गुर्जर, प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद्र दधीच, नंदकिशोर ट्रेलर रोकाड़िया मंदिर परिषद सदस्य अशोक शर्मा भेरूलाल सोनी और मंदिर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे.

22 नवंबर को भंडार से 14 भरे बोरे नोट निकले। 7 करोड़ 10 लाख 76 हजार 500 रुपये तक का खाता बना। 24 नवंबर को 3 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए गिने गए। कुल मिलाकर 10 करोड़ 27 लाख 500 रुपये की राशि आंकी गई है। बाकी को पढ़ने में दो दिन लगेंगे। इस पर बड़ौदा बैंक एवं एस. बी. जे. बैंक पंजाब नेशनल बैंक इंडियन बैंक की टीम उपस्थिती मे गिनती की थी। साथ ही छोटे नोटों की गिनती और सिक्कौ की गिनती करना बाकी है। सोना-चांदी का तौल भी करना अभी शेष है।

यह भंडार दो दीपावली के बाद यह भंडार दो महीने बाद खोला गया। सांवलिया सेठ मंदिर भादसोड़ा गांव में चित्तौड़गढ़ से 28 किमी दूर स्थित है। प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर को कृष्ण धाम कहा जाता है। मंडपिया मंदिर राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग के अंतर्गत आता है। ऐसा माना जाता है कि सांवलिया सेठ भक्तों के लिए बैंक में जितना देते हैं, उससे कहीं अधिक मिलता है। व्यापार जगत में उनकी ख्याति इतनी है कि लोग अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए उन्हें अपना बिजनेस पार्टनर बनाते हैं।

सांवलिया का भंडारा मंदिर महीने में एक बार खुलता है। यह चतुर्दशी को खुलता है और उसके बाद अमावस्या को मेला शुरू होता है। होली पर यह डेढ़ महीने में और दिवाली पर दो महीने में खुलती है। सांवलिया सेठ मंदिर में भी कई एनआरआई श्रद्धालु आते हैं। एनआरआई सांवलिया जी को डॉलर, अमरीकी डॉलर, पाउंड, दिनार, रियॉल आदि के साथ कई देशों की मुद्रा भी चढ़ाते हैं।