स्काउट गाइड ने “हम भी जाने - हम भी समझे” मिशन के तहत सांस्कृतिक विरासत व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझा

-जनचेतना भ्रमण द्वारा दिया पर्यावरण व विरासत बचाने का संदेश

बूंदी 5 फरवरी । भारत स्काउट गाइड यूनिट्स के एकदिवसीय पर्यावरण संरक्षण व विरासत  के प्रति जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत कोटा के एकदिवसीय भ्रमण हाईक का आयोजन किया गया। जनचेतना हाईक को स्काउट गाइड कार्यकारिणी सदस्य निदेशक रेखा शर्मा ने बालचंद पाड़ा से हरी  झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन के माध्यम से बालक बालिकाओं ने पर्यावरण व सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझा तथा इन्हें बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रमदान भी किया।

स्काउट  गाइड संयुक्त सचिव यूनिट लीडर डॉ सर्वेश तिवारी ने बताया कि भावी पीढ़ी को ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाने, जैव विविधता  व  पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने हेतु "हम भी जाने हम भी समझे" अभियान के तहत इस  स्काउट गाइड की हाइक का आयोजन किया गया। संभागियों को संबोधित करते हुए निदेशक रेखा शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमें अपनी आदतें विकसित करनी होगी क्योंकि मानवीय क्रियाकलापों से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है। साथ ही हमारी गौरवमयी सांस्कृतिक विरासतें भी संरक्षित करना आवश्यक है क्योंकि ये हमारी सभ्यता संस्कृति व अनुपम कला के जीवंत प्रमाण है। इस हेतु स्काउट गाइड पहले इनको देखे समझे इनके महत्व को जाने तथा फिर अन्य लोगों को भी इस हेतु जागरूक करें।

जन चेतनाकारी नारों लोकगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच प्रभारी गाइड कैप्टन शर्मिला मेघवंशी व राधा शर्मा के नेतृत्व में छब्बीस सदस्यीय गाइड टीम व स्काउट मास्टर छोटू लाल रावत के मार्गदर्शन में 41 स्काउट्स दल को प्रभारी अनिल वर्मा ने विविध पुरातन स्थलों की स्थापत्य कला चित्रकला व इतिहास से जुड़ी जानकारियां प्रदान की। बूंदी की अनुपम विरासतों सहित कोटा रिवर फ्रंट, बायोलॉजिकल पार्क तथा त्रिकुटा माता मंदिर का भ्रमण किया गया I इसके माध्यम से बच्चों ने धर्म, संस्कृतिक धातियो के अलावा जैव विविधता की जानकारी लेते हुए राजस्थान की वास्तु, शिल्प तथा लोक कला का अद्भुत सामंजस्य  दर्शाते वैभव का आनंद लिया l बालक बालिकाओं ने इस दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रमदान कर पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता का संदेश भी दिया।