मंत्री ने धनराज प्रजापत के आंसू देख कर जांच के दिए आदेश
मंत्री ने धनराज प्रजापत के आंसू देख कर जांच के दिए आदेश
प्रभारी मंत्री जाहिदा खान ने मामले को लिया गंभीरता से
पुलिस अधीक्षक को
मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश
लापरवाही का खुल्लम खुल्ला खेल जीवित व्यक्ति को कर दिया मृत
अपने आप को जीवित साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है धनराज
बूंदी 25 दिसंबर,
जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करने वाले प्रकरण में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के कोऑर्डिनेटर गयासुद्दीन भट्टी के सानिध्य व कांग्रेस वरिष्ठ नेता नोमान अंसारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बूंदी जिला प्रभारी मंत्री को घेरा कहा कि धनराज प्रजापत बरूंधन ने जिला कलेक्टर से कई बार अधिकारियों को सजा दिलाने के लिए गुहार लगा चुका है बूंदी पुलिस अधीक्षक को भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र धनराज ने दिया है लेकिन दोषी अधिकारियों के खिलाफ अभी तक भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है धनराज प्रजापत ने मंत्री जाहिदा खान को आपबीती बताते हुए कहा कि कागजों के अंदर मुझे अभी भी मृत घोषित कर रखा है प्रशासन मेरी नहीं सुन रहा है मैं चक्कर लगाता लगाता परेशान हो चुका हूं अब आप ही बताएं मैं कहां जाऊं मेरी बच्ची नवी कक्षा में पड़ती है उसकी छात्रवृत्ति से मैं उसको पढ़ाता हूं इस साल मेरी बच्ची को छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी तो मैं उसकी फीस कैसे जमा कर पाऊंगा श्रमिक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से मेरी बच्ची की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी अधिकारियों ने मुझे अभी भी मृत घोषित कर रखा है कागजों को अभी तक सुधार नहीं हुआ है धनराज प्रजापत ने कहा कि अगर मेरी सुनाई नहीं हुई तो मुझे मुख्यमंत्री निवास के बाहर जाकर धरना देना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी समस्त बूंदी जिला प्रशासन और प्रभारी मंत्री , आपकी होगी धनराज प्रजापत के आंखों से आंसू छलक पड़े और वह मंत्री के सामने रोने लगा मंत्री जाहिदा खान पीड़ित धनराज प्रजापत के आशु देखकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि आप इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराएं और दोषी अधिकारियों को सजा दिलाएं साथ ही पुलिस अधीक्षक निर्देश देते हुए कहा की इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करें और दोषियों को सजा दिलाएं
प्रभारी मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए धनराज प्रजापत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जो कर्मचारी व अधिकारी इसमें दोषी होगा उसको सजा जरूर मिलेगी
मामला है धनराज अपनी पुत्री सुमन का श्रम कल्याण विभाग बूंदी में छात्रवृत्ति फॉर्म कक्षा 9 का जमा कराने आया था वहां के कर्मचारियों ने कहां की तुम तो मर चुके हो, छात्रवृत्ति का फार्म तुम्हारी बच्ची का तुम कैसे भर सकते हो मैं तो आपके सामने खड़ा हूं और जिंदा हूं कैसे मर सकता हूं आपने किस आधार पर मुझे मृत घोषित किया मुझे बताओ आधार