Rajasthan Weather : राजस्थान में पारा जमाव बिंदु पर पहुंचा; सर्द हवाओं ने ठिठुराया, शीत लहर का येलो अलर्ट जारी
Jaipur: राजस्थान में भले ही 2022 में सर्दी का असर कम हो। लेकिन 2023 की शुरुआत से ही कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में हिमपात और बारिश के कारण अब इसका असर राजस्थान में महसूस किया गया है। राजस्थान के इन उत्तरी भागों से आने वाली सर्द हवाओं के कारण तापमान जमाव बिंदु पर पहुंच गया है।
आज राजस्थान में हालात ऐसे हैं कि 15 से ज्यादा जिलों में सुबह तेज हवा चल रही है। ऐसे में दृश्यता 50 मीटर से नीचे रही। राजस्थान में आज के तापमान की बात करें तो प्रदेश में ठंड माने जाने वाले फतेहपुर और माउंट आबू में पारा लुढ़का. इन दोनों जगहों पर तापमान माइनस 1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।वहीं राजधानी जयपुर के जोबनेर में भी जमाव बिंदु के आसपास सारा रिकॉर्ड
किया गया है। जोबनेर में न्यूनतम तापमान करीब 1 डिग्री दर्ज किया गया।
राजस्थान के बीकानेर, गंगानगर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, अलवर, भरतपुर समेत कई हिस्सों में सुबह तेज हवा चली. घने कोहरे के चलते जहां जनजीवन को प्रभावित हुआ ही। वही सुबह हाईवे पर
गाड़ियां बहुत कम चलती हुई दिखाई दी। जो गाड़ियां चली उन्हें भी लाइट जलानी
पड़ी।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार राजस्थान में इस सप्ताह कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, सीकर, चुरू, झुंझुनू, अलवर, भरतपुर, हनुमानगढ़ सहित लगभग 17 जिलों में 3 दिनों के भीतर शीतलहर और हवा चलने की संभावना है। इस बीच सीकर, चूरू, हनुमानगढ़ समेत करीब 5 जिलों में कड़ाके की ठंड और पाला पड़ने की चेतावनी जारी की गई है. इन क्षेत्रों में अगले 2-3 दिनों तक तापमान हिमांक से नीचे रहने की संभावना है।
अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर झुंझुनू, करौली, सीकर, बीकानेर चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर में छह जनवरी तक अधिसूचना जारी की गई है. इन इलाकों में सुबह और रात के समय अत्यधिक ठंड से पाले से फसलों को नुकसान की चेतावनी जारी की गई है. विशेषज्ञों ने भी सुबह-शाम बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को ठंड से बचाने की सलाह दी।
राजधानी जयपुर में आज सुबह ठंडी हवा के साथ ठिठुरन वाली हवा चल रही है। सीकर, फतेहपुर, सवाई माधोपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर व पिलानी व झुंझुनूं के ग्रामीण क्षेत्र कोहरे से ढके रहे। धूप निकलने के साथ ही इन इलाकों में कोहरा पसरने लगा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 100 से 200 मीटर तक रही।