शामलात जागरूकता कार्यक्रम का सम्मान समारोह सम्पन्न
बूंदी 09,फरवरी। बंजर भूमि एवं चारागाह विकास आधारित गतिविधियों के संबंध में क्षमता अभिवर्धन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण व शामलात शोध यात्रा कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन सम्मान समारोह बूंदी के एक निजी होटल में आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम आईटीसी लिमिटेड एवं एफ ई एस संस्था की ओर से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महात्मा गांधी नरेगा के एक्सईएन प्रदीप गोयल ने कहा कि जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए चारागाहो के विकास की आवश्यकता है। जैव विविधता को बनाये रखने के लिए ग्रामीणों को चारागाह संरक्षण के लिए आगे आने चाहिए। पशुधन के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने में गांवों के चारागाहो की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में जिले की पांचों पंचायत समिति क्षेत्र से आए हुए विभिन्न चारागाह विकास समितियां के सदस्यों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में शामलात विकास एवं उसके परिणाम, शामलात संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन, चारागाह विकास समिति के गठन व बीजों की जानकारी दी गई। साथ ही बीज संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। इस दौरान शामलात की जमीन, वन एवं पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया।
इससे पूर्व जिले भर में पांच दिवसीय शामलात शोध जागरूकता रथ निकाला गया जिसने गांव गांव जाकर प्रभात फेरी, नाटक मंचन और संवाद कार्यक्रम से आमजन को चारागाह के संबंध में विविध जानकारियां दी। साथ ही शामलात रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न गांवों में प्रभात फेरी, समूह चर्चा कठपुतली नाटक मंचन, नारा लेखन, विद्यार्थियों से शामलात संवाद सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करवाया गया।
कार्यक्रम में पंचायत समिति हिंडोली के सहायक अभियंता मोहन लाल मीणा, एफईएस के सीनियर प्रोग्राम मेनेजर उमेश पालीवाल, आईटीसी प्रोजेक्ट मेनेजर मनोज मिश्रा, रीजन काॅर्डिनेटर कैलाश शर्मा, डीटीसी मंजू शर्मा, सांवर लाल जाट आदि मौजूद रहे।