वट अमावस्या पर बरगद, पीपल के पेड़ का विशेष महत्व

वट वृक्ष पूजन का बड़ा महत्व

केपी रूथला

पिलानी

प्राचीन सती दादी मंदिर प्रांगण में वट वृक्ष पूजन वट सोमवती अमावस् का विशेष महीना जेठ माह में महीने की सोमवार को आने वाली देवपित्र को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। अमावस्या का संयोग बड़ा माना जाता है। वट अमावस्या पर बरगद, पीपल के पेड़ का सोमवती अमावस्या के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है सोमवती अमावस्या के दिन व्रत पूजन, गंगा स्नान, जल,दुध ,फल का दान का विशेष महत्व बताया गया है इस दिन महिलाएं संतान एवं पति की दीर्घायु एवम सुख जीवन के लिए व्रत रखती हैं ।आज के दिन महिलाएं पीपल एवं वट वृक्ष पेड़ के नीचे पूजा करना का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण के लिए जल, पेय पदार्थ, एवं तिल भी अर्पित दान किए जाते हैं। किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को जल एवम वस्त्र करना दान करना चाहिए। आज के दिन महिलाएं पुरुष सभी पित्र जनों के नियमित मंदिर में पूजा अर्चना धूप दीप नैवेद्य के साथ आराधना करते हैं