Rpsc Paper Leak Case : नकल करने वाले 46 परीक्षार्थियों पर आजीवन बैन ताउम्र नहीं दे सकेंगे प्रतियोगी परीक्षा; सरगना का गिरफ्तारी वारंट जारी
Jaipur: राजस्थान में आरपीएससी की दो वर्षीय प्रवेश परीक्षा को लीक करने के मामले में गहलोत सरकार कार्रवाई करने की तैयारी में है। संपत्ति व जमीन आदि जिसे प्रतिवादी भूपेंद्र विश्नोई व सुरेश ढाका व उनके परिवार को प्रथम दृष्टया राजस्थान लोक समीक्षा (गलत कार्य निवारण) अधिनियम 2022 की धारा 12 के तहत गलत कार्य करने का दोषी पाया गया है)। उन चीजों को पकड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अन्य संसाधनों के बारे में जानकारी एकत्र की जाती है जो इन अपराधियों ने अवैध रूप से अर्जित किए हैं। उन्हें जब्त करने के लिए कानून के मुताबिक पहले कदम उठाए जाएंगे।
परीक्षा के दूसरे वर्ष के दौरान नकल करने वाले समूह में भाग लेने वाले 46 लोगों को आजीवन परीक्षा देने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पेपर लीक के सरगना भूपेंद्र बिश्नोई और सुरेश ढाका के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। साथ ही उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है। एसपी विकास शर्मा ने बताया कि जल्द होने वाली द्वितीय वर्ष की प्रवेश परीक्षा के तहत 23 दिसंबर को फर्जी गिरोह के खिलाफ दो केस दर्ज कर कुल 57 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 46 अभ्यर्थियों को सेवा परीक्षा से आजीवन प्रतिबंधित करने का अनुरोध करते हुए राजस्थान चयन बोर्ड जयपुर भेजा गया था. और इसने राजस्थान सिविल सेवा आयोग में 46 (डीबार) से ऊपर के सभी उम्मीदवारों को चयन बोर्ड द्वारा आजीवन नौकरी परीक्षा के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
मामले के मुख्य आरोपी भूपेंद्र विश्नोई पुत्र पाबूराम सारण निवासी थाना परवा जिला चितलवाना जिला जालौर व सुरेश ढाका पुत्र मांगीलाल ढाका निवासी थाना अचलपुर साचोर जालौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. माननीय न्यायालय और उपरोक्त दोनों की मांग है। बता दें कि उदयपुर पुलिस हर चीज की जांच कर रही है। पेपर लीक मामले पर सीएम गहलोत को बीजेपी ने निशाने पर ले रखा है।