राजस्थान के उप सरपंचों व पंचो को मासिक वेतन देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया

शिवकुमार शर्मा
बूंदी |

मानव सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खोईवाल ने बताया कि राजस्थान में उप सरपंच व पंच इनके चुनाव तो होते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरपंचों व सेक्रेटरीयो द्वारा इनको कोई महत्व नहीं दिया जाता है। और ना ही ग्रामीण विकास कार्यों में इनकी कोई सहमति ली जाती है। क्षेत्र के ग्रामीण इनके पास समस्या लेकर आते हैं जिसके लिए ये लोग सरपंच या सेक्रेटरी के पास जाते है तो इनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। इसलिए राज्य सरकार से मांग करते हैं कि या तो इन पदों को ही समाप्त कर दिया जाए। या फिर इनका मासिक मानदेय कम से कम ₹10000 प्रतिमाह किया जाए जिससे कि सभी उपसरपंच व पंच ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीणों को लाने ले जाने व अन्य खर्चो का भुगतान करने में मदद मिल सके और ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी विकास कार्य होते हैं उसमें इनकी सहमति जरूर ली जाए और इनसे भी पूछा जाए कि कहां कहां पर विकास कार्य करवाना जरूरी है। अन्यथा उपसरपंच व पंच एकजुट होकर ग्रामीणों की आवाज उठाते हुए सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने पर मजबूर होंगे। इस दौरान छोटू लाल काला रोशनदा उपसरपंच गुलाब देवी मीणा जयशंकर बजारा पप्पू लाल मीणा रामलाल रमेश वर्मा बंजारा रामनिवास शंकरलाल रवि कुमार आदि उप सरपंच व पंच मौजूद रहे