संवाददाता सुमेर सिंह राव
उदयपुरवाटी /चंंवरा
गांव के जमवाय माता मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन कथावाचक दिनकर महाराज ने बताया कि व्यक्ति यदि अपना कल्याण चाहता है तो उसे निंद्रा,तंद्रा,भय, क्रोध,आलस्य सहित दीर्घ सूत्रता का त्याग कर देना चाहिए। महाराज ने कहा कि जिस प्रकार अंधे व्यक्ति के लिए दर्पण किसी काम का नहीं है उसी प्रकार से विवेक हीन पुरुष के लिए शास्त्र और पुराण कुछ नहीं कर सकते। इसलिए माता पिता का दायित्व है कि बच्चों को इतिहास पुराण शास्त्र आदि का ज्ञान अवश्य देना चाहिए। कथा के दौरान कृष्ण जन्म की झांकियां सजाई गई। इस दौरान सुरेंद्र सिंह शेखावत,श्रीराम महरानियां, गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रह्लाद सिंह, हनुमान प्रसाद सैनी, किशोर सिंह आरआई सहित कई लोग उपस्थित रहे।