जयपुर। मानव बम धमाकों के बाद काबुल के हवाई अड्डे पर सोमवार को रॉकेट दागे गए। निशाना फिर से अमेरिकी सैनिकों को बनाया गया जो अफगानिस्तान से अपनी वापसी को पूरा करने के तहत सहयोगियों को निकालने में मदद कर रहे हैं। हालांकि इस रॉकेट हमले से कोई क्षति नहीं हुई हैं, क्योंकि इन्हें मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि हवाई अड्डे पर एक रॉकेट हमला किया गया था, लेकिन हमारे निकासी ऑपरेशन में कोई भी बाधा उत्पन्न नहीं हुई।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा अफगानिस्तान से सभी अमेरिकी बलों को वापस बुलाने समय सीमा निर्धारित करने के बाद लोगों का हुजूम एयरपोर्ट पर शुरू हो गया। ऐसे में आतंकी हमले की चेतावनी भी जारी की और 11 सितंबर को पहला बम धमाका आतंकियों ने किया जिसमें 200 के करीब लोग मारे गये और 13 अमेकिरा के सैनिक मारे गये।
बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामवादी तालिबान को अमेरिका ने 2001 में सत्ता को छीन लिया था, और अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान में सत्ता चली। पूरे दो दशके के बाद जो बायडेन ने अपने सैनिकों को वहां से हटाने का निर्णय लिया। और तालीबान ने फिर से अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया।
अब अमेरिका के सैनिको का अफगानिस्तान ने पूरी तरह निकलने का अंतिम फेज चल रहा है। जो बाइडेन ने 31 अगस्त तक सभी अमरिकी सैनिकों को वापिस आने की समय सीमा निर्धारित की है।