जयपुर। अलवर में 14 साल की मूक बधिर लड़की के साथ गैंगरेप करने वाले दरिंद्रे अभी भी पुलिस की पकड़ में नहीं आये हैं। पीड़ित ना तो सही तरीके से सून पाती है और ना ही बोल पाती है। पीड़िता का इलाज जयपुर में चल रहा है, डॉक्टर्स ने कईं ओपरेशन करके जान बचाई है। बुधवार को ऑपरेशन के बाद मंत्री और अफसर पीड़िता से मिलने पहुंचे तो उसकी हालत देखकर दंग रह गये। पीड़िता मूक बधिर होने के कारण केवल 'मां' और 'पा' ही बोल पाती है। इस वजह से पुलिस के सामने अपराधियों को पहचानने में परेशानी आ रही है।
अलवर में पुलिस कई CCTV फुटेज खंगाल चुकी है, लेकिन आरोपियों तक पहुंचने में कामयाबी नहीं मिली। अब पुलिस पीडिता के ईशारों पर स्कैच बनवाकर बदमाशों का हूलिया जानने की कोशिश कर रही है। इशारों को वह थोड़ा अच्छे से समझ सकेगी। उन्हीं की मदद से पुलिस जानकारी लेने की कोशिश करेगी।
डॉक्टर्स ने बताया कि लड़की के प्राइवेट पार्ट में धारदार हथियार से वार किया गया है। जिससे गहरे घाव हो गये हैं। सड़क पर पड़े रहने के दौरान लड़की का काफी खून बह गया था। इसलिए कईं यूनिट खून चढ़ाना पड़ा।
पुलिस जांच पड़ताल में पता चला है कि पीड़ित के माता-पिता मजदूरी करते हैं। उनकी एक बेटी और एक बेटा और है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने लडकी को मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे खेत के कच्चे रास्ते से जाते हुए सड़क किनारे पर देखा था इसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा। इसके बाद 11 जनवरी की रात को गैंगरेप की जानकारी मिली। लड़की को अलवर में तिजारा फाटक पुलिस पर फेंका गया था। वहां वह एक घंटे तक तड़पती रही। वह कुछ भी बता नहीं कर पा रही थी। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया।