ग्रामीण विकास विभाग के उपायुक्त एवं शासन उप सचिव ने सरपंच को निलंबित के आदेश किये जारी

सरकारी जमीन बेचान मामले में भाबरू सरपंच शशिकांत शर्मा निलंबित

ग्रामीण विकास विभाग के उपायुक्त एवं शासन उप सचिव ने सरपंच को निलंबित के आदेश किये जारी

पंचायत के किसी कार्य एवं कार्यवाही में भाग नही लेगा सरपंच

विराटनगर तहसील की ग्राम पंचायत भाबरू का है मामला

संवाददाता विजयपाल सैनी शाहपुरा जयपुर

पंचायत समिति विराटनगर की भाबरू पंचायत के सरपंच शशिकांत शर्मा को पंचायत की सरकारी जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार करने एवं अवैध अतिक्रमण कर जबरन निर्माण कार्य करवाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। ग्रामीण विकास विभाग के उपायुक्त एवं शासन उप सचिव ने भाबरू सरपंच को निलंबित करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही सरपंच शशिकांत शर्मा को पंचायत का कोई कार्य नही करने एवं कार्यवाही में भाग नही लेने के आदेश भी दिए है। पंचायतीराज विभाग ने भाबरू निवासी गोपी चन्द योगी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया है कि सरपंच शशिकांत शर्मा के विरुद्ध पंचायत की सरकारी जमीन को बेचकर खुरबुर्द करने सम्बन्धी प्रकरण में विभिन्न स्तरों पर करवाई की गई जांच में दोषी पाया गया। इस सम्बंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जयपुर से प्राप्त जांच रिपोर्ट में शिकायत को सही माना है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जयपुर से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संभागीय आयुक्त जयपुर ने सम्बंधित को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए राजस्थान पंचायतीराज 1996 के नियम 22 (2) के तहत नोटिस जारी किया गया। उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर अपने पर लगाये आरोपो का खंडन किया गया। तत्पश्चात प्रकरण की विस्तृत जांच करवाई गई। जिसमें जांच अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरपंच को दोषी माना है। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 38 (4) के तहत दोषी मानते हुए राज्य सरकार से सरपंच को निलम्बित करने के लिए अनुमोदन प्राप्त किये जाने के पश्चात यह कार्रवाई की गई है। वही जिला परिषद सीओ जयपुर को उक्त सरपंच का कार्यभार नियमानुसार किसी अन्य को दिलवाकर विभाग को सूचित करने के भी आदेश प्रदान किये है।

नियमानुसार सरपंचों को नहीं अधिकार 

पंचायतीराज अधिनियम के अनुसार ग्राम सरपंच अपनी मर्जी से व मनमुताबिक शासकीय भूमि की खरीद-फरोख्त ओर वितरण नहीं कर सकता है। इसके लिए पहले प्रस्ताव बनाकर शासन से अनुमति लेनी होती है। इधर, भाबरू सरपंच द्वारा पंचायतीराज नियमों के विपरीत जाकर स्थानीय लोगो से रुपए लेकर सरकारी भूमि का बेचान कर दिया हैं। कानून विदों की मानें तो ऐसा करना ग्रामीणों के साथ ठगी किए जाने जैसा है।

अधिकारियों की जांच के बाद सरपंच निलंबित 

शिकायतकर्ता गोपी चन्द योगी ने वर्तमान सरपंच शशिकांत शर्मा के खिलाफ पंचायत की सरकारी जमीन को बेचकर खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया था। शिकायत पर विकास अधिकारी, उपखंड अधिकारी विराटनगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जयपुर ओर संभागीय आयुक्त जयपुर की जांच में सरपंच दोषी पाया गया। दोष सिद्ध पाए जाने के बाद राज्य सरकार से आदेश लेकर वर्तमान सरपंच को पद से निलंबित कर दिया है।