सरकार ने पेगासस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देने से किया इन्कार, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कारण

जयपुर। इजराइल के स्पाइवेयर को लेकर कईं याचिका कर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश की थी। इन याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हफलानामा पेश करने से यह कहकर इनकार कर ​दिया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और वह पेगासस स्पाइवेयर घोटाले की औपचारिक जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं के जवाब में विस्तृत हलफनामा दाखिल नहीं करेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार ने फैसला किया है कि "इस मुद्दे पर बयान हलफनामे के माध्यम से नहीं दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हलफनामा दाखिल करना और फिर इसे सार्वजनकि करना संभव नहीं है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तुषार मेहता ने कहा कि हम आतंकवादियों को यह नहीं बता सकते कि कौन से सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नाराज सुप्रीम कोर्ट तुषार मेहता को याद दिलाया कि जब वह राष्ट्रीय सुरक्षा वाले तर्क को मानती है लेकिन सरकार को केवल इस बात का हफलनामा पेश करना है जो फोन हैकिंग को लेकर है। कोर्ट ने कहा कि सरकार उन दावों का जवाब दें जिसमें राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेता, अनिल अंबानी जैसे प्रमुख उद्योगपति और पत्रकारों के फोन हैकिंग को लेकर हैं।

"न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि पिछली बार भी राष्ट्रीय सुरक्षा उठी थी और हमने स्पष्ट किया था कि कोई भी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले तरीके से हस्तक्षेप करने वाला नहीं है। हमने आपसे पूछा था कि व्यक्तिगत फोन हैक होने के दावे हैं। इसलिए अपना हलफनामा दर्ज करें उस पर। क्या इसे अधिकृत किया गया था।

उन्होंने जोर देकर कहा, "हम केवल व्यक्तियों के फोन हैक होने के मुद्दों से चिंतित हैं। किस एजेंसी के पास शक्तियां हैं और यह अधिकृत है या नहीं। कुछ लोग कह रहे हैं कि उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन किया गया है।"