जिले के सहरिया जनजाति परिवारों का सुधरेगा जीवनस्तर, पीएम जनमन योजना के तहत गांव चिह्नित 324

बारां, 2 जनवरी। जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी महाअभियान (पीएम जनमन) के क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनजाति आयुक्त ताराचन्द मीणा ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत सहरिया जनजाति के परिवारों के जीवनस्तर में सुधार करने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से प्रस्ताव तैयार कर योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ सभी ग्रामीण को मिले इसके लिए कार्य योजना बनाई गई है। इन बस्तियों तक पक्की सड़क, घर घर बिजली, शुद्ध पानी, पक्का मकान, शौचालय सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ सभी ग्रामीण को मिले इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है।


जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सहरिया जनजाति परिवारों के बसाहटांे में बेहतर कार्य योजना बनाकर कार्य शुरू कर दिए गए है। उन्हांेने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से नहीं छूटना चाहिए, इसके लिए गंभीरता के साथ कार्य किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत सहरिया परिवारों की बसाहटों में कार्ययोजना बनाकर सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों को निर्धारित समय के भीतर शत प्रतिशत पूर्ण करना है। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में 8 ब्लॉकों की 149 ग्राम पंचायत के 324 गांव एवं 75 ढाणियों में 33 हजार 743 परिवारों को लाभान्वित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आगामी 3 साल में निर्धारित लक्ष्य को हासिंल किया जाएगा। सहरिया जनजाति के लोग आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वचिंत है। इस समुदाय के लोग कुपोषण के साथ एनीमिया से भी जूझते हैं।

सहरिया जनजाति जीवनस्तर में सुधार की तैयारी
जिला परिषद सीईओ कृष्णा शुक्ला ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत पक्के आवास के लिए ग्राम पंचायतों में निवासरत सहरिया परिवारों का सर्वे कर पात्र परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है। यदि कोई सहरिया परिवार आवसहीन है वह पात्रता सूची में नाम हटवाने व जोडने संबंधी आपत्ति को मिनी सचिवालय जिला कलक्टर कार्यालय में 3 जनवरी 2024 तक स्वयं उपस्थित होकर अपील कर सकता है। एडीएम एसएन आमेटा ने बताया कि जिसे सहरिया जनजाति को अब इस पहल से यहां छोटी-छोटी बसाहट वाली बस्तियों तक पक्की सड़क पहुंचेंगी। 10 चलित चिकित्सा इकायों से इनका इलाज होगा। सभी के घरों में विद्युतीकरण के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी कम जनसंख्या के बाद भी खुलेंगे। वन धन विकास केंद्र भी खुलेंगे। नेटवर्क विहीन गांव में मोबाइल टावर, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल को लेकर भी विशेष जोर दिया जाएगा। गांव में छात्रावास भी शुरू होंगे। हर घर नल द्वारा पानी पहंुचाया जाएगा। इस अवसर पर अन्य अधिकारी मौजूद रहे।