संवाददाता सुमेर सिंह राव
उदयपुरवाटी / चंंवरा
हीरवाना गौशाला में पांचवे दिन कृष्ण की बाल लीलाओं पूतना वध कृष्ण का नामकरण संस्कार माखन चोर लीलाओं का हुआ वर्णन
परमात्मा कण कण में निवास करते हैं उन्हें पहचानने की जरूरत है..... रामानंद महाराज
बामलास धाम के महंत बाबा लक्ष्मण दास महाराज के सानिध्य में हीरवाना श्रीकृष्ण गौशाला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक रामानंद महाराज ऋषिकेश ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पूतना वध भगवान कृष्ण का नामकरण संस्कार माखन चोर लीला भगवान की गौचारण लीला कालिया मर्दन आदि लीलाओं का वर्णन किया गया। गोवर्धन पूजा में भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। छप्पन भोग में पंडित कैलाश सारस्वत ने आओ आओ बेगा आओ सांवरिया भोग लगाओ, छप्पन भोग तैयार जी आदि भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी गौ माता की सेवा को सबसे बढ़कर माना है। उन्होंने कहा कि परमात्मा कण-कण में निवास करते हैं बस उन्हें पहचानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नर ही नारायण है इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भगवान का स्वरूप मानकर एक दूसरे की सेवा करें। विश्वनाथ शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी गोरसिया परिवार द्वारा भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। रात्रि में नानी बाई रो मायरो कथा में महाराज ने भक्त चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नरसी भक्त को भगवान ने काफी मात्रा में धन दिया लेकिन नरसी ने 12 महीने में ही 56 करोड़ की माया को संतों व दीन दुखियों की सेवा में लगा दिया और नरसी ने पूर्ण विश्वास के साथ भगवान की भक्ति की। उन्होंने कहा कि कथा से संदेश मिलता है कि अपने धन का भगवान की सेवा दीन दुखियों की सेवा संत महात्माओं की सेवा में जो मनुष्य सच्चे मन से लगाता है उसका धन क्षय हो जाता है और परमात्मा उसको लाख गुणा करके भक्तों को जरूरत पड़ने पर वापस लौटाते हैं। इस दौरान राम मोहन दास त्यागी नैमिषारण्य धाम उत्तर प्रदेश शंकर दास वनखंडी धाम जय किशन दास झाड़ी वाले रघुनाथ दास मोरिंडा धाम विपुलदास दोसा आचार्य विपुल गायकार विकास शर्मा एनबी म्यूजिकल ग्रुप मांवण्डा खुर्द हीरालाल मास्टर प्रह्लाद बराला संजय शर्मा नीरज शर्मा ओमप्रकाश जांगिड़ नरेश शर्मा कर्नल कुलदीप सिंह शेखावत पोंख नरपत सिंह सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष मौजूद रहे।