इन दिनों मिनी निकासी बनी हीरवाना गौशाला के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं कई सिद्ध संत महंत
शुक्रवार से शुरु हुई रात्रि कालीन नानी बाई रो मायरो कथा
चंंवरा (जेपी महरानिया )
बामलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज के सानिध्य मे श्री कृष्ण गौशाला हीरवाना में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्म की झांकियां सजाई गई। कथावाचक रामानंद महाराज ऋषिकेश ने प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार व श्रीकृष्ण अवतार की कथा सुनाई। महाराज ने कहा कि जब जब धरती पर पाप बढ़ता है व धर्म की हानि होती है तब-तब भगवान किसी रूप में अवतार लेकर धर्म तथा प्राणी मात्र की रक्षा करते हैं एवं पाप का विनाश करते हैं। कथा में सांयकाल नंद जन्म महोत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया और भगवान कृष्ण के बाल रूप की झांकियां सजाई गई। कृष्ण जन्म की झांकी लेकर नंदबाबा कथा स्थल पहुंचे तो भक्त भाव विभोर हो उठे। बीच-बीच में संगीतकार पंडित कैलाश सारस्वत द्वारा नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, जन्मे है कृष्ण कन्हाई बधाई सारे भक्ता भजन सुनाए। भजनों की ताल पर श्रोताओं ने खूब नृत्य किया। शुक्रवार रात्रि से नानी बाई रो मायरो कथा भी शुरू की गई जो रात्रि में तीन दिन तक लगातार चलेगी। कथा में कैलाश सारस्वत ने कहा कि आज कलयुग में भी कोई भगवान की सच्चे मन से भक्ति करता है भगवान हर भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार जरूर दें। सुसंस्कार के बिना शिक्षा अधूरी है। कथा में महारास की कथा सुनाई गई। मिनी काशी बनी हीरवाना गौशाला में इन दिनों कई स्थानों से प्रसिद्ध संत और महंत गौ माता दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शनिवार को विक्रम नाथ महाराज पालवास धाम नाथ आश्रम सीकर ने भी गौशाला पहुंचकर बामलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज से शिष्टाचार भेंट की। मंदिर व भागवत कथा का जायजा लिया तथा गौ माता के दर्शन किए। विश्वनाथ शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी गोरसिया परिवार द्वारा भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान राम मोहन दास त्यागी नैमिषारण्य धाम उत्तर प्रदेश, शंकर दास वनखंडी धाम, जय किशन दास झाड़ीवाले, रघुनाथ दास मोरिंडा धाम, विपुल दास दोसा, सीकर से गिरधारी लाल डीडवानिया, सुरेश चंद चोटिया कोलिड़ा, रामवल्लभ भाटीवाड़ा, रामगोपाल सुंदरिया जिला अध्यक्ष विप्र फाउंडेशन सीकर, कन्हैयालाल डीडवानिया, मदन लाल रावत, आचार्य विपुल कृष्ण, मदन रावत हनुमान कसाणा रामलाल भोपाल सिंह भाताराम सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।