बूंदी विधानसभा से कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी हरिमोहन शर्मा का खुलकर विरोध सामने आया
-टिकिट बदलने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय में शुरू किया आमरण
बूंदी 02 नवंबर। बूंदी विधानसभा से लगातार तीन बार कांग्रेस पार्टी हारने के बावजूद 86 साल के हरिमोहन शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने पर जाने पर बूंदी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा खुलकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है । जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने हरिमोहन शर्मा का टिकट बदलने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है और टिकिट के पुनर्विचार को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, राजस्थान के प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान के सह प्रभारी काजी निजामुद्दीन के नाम ज्ञापन भेजा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि हरिमोहन शर्मा के पिछला चुनाव हारने पर भी पिछले 5 सालों में सत्ता का दुरुपयोग कर कई कांग्रेसी पार्षदों, कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ झूंठे मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें जेल में पहुंचा दिया। इनके अलावा जब भी किसी अन्य व्यक्ति को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया तो हरिमोहन शर्मा ने हमेशा भाजपा से मिलीभगत करके बीजेपी को वोट डलवाए और नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी स्व. अशोक तोतला के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करवा कर चुनाव हरवाया और नगर परिषद में भाजपा का सभापति बनवाया और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है।
हरिमोहन शर्मा व उनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों एक मीटिंग कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पिछले दिनों एक सभा कर खुली चेतावनी दी थी कि यदि हरिमोहन शर्मा को टिकिट नहीं दिया तो वह और उनसे जुड़े सभी कार्यकर्ता राहुल गांधी और खरगे जी के गुलाम नहीं है जो वह कांग्रेस के लिए काम करेंगे। इस तरह की धमकी देने के बावजूद कांग्रेस विरोधी हरिमोहन शर्मा को पार्टी प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अपमान किया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि हरिमोहन शर्मा का टिकिट नहीं बदला गया तो यह सीट चौथी बार भाजपा की झोली में जाएगी और कांग्रेस नेतृत्व के इस तरह के गलत निर्णय का पूरे बूंदी जिले के सभी सीटों पर असर पड़ेगा।
इस विरोध प्रदर्शन व आमरण अनशन में शामिल हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि इस 86 वर्षीय हरिमोहन शर्मा का पार्टी ने टिकिट नहीं बदला और किसी नए युवा व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया तो इसका कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। युवा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने जो युवाओं को टिकट देने का वादा किया था, परंतु शीर्ष नेतृत्व को वयोवृद्ध नेताओं ने गुमराह करने का काम किया है, यदि ऐसा ही होता रहेगा, तो कांग्रेस से युवा क्यों जुड़ेंगे, जबकि युवाओं का भविष्य कांग्रेस में सुरक्षित नहीं है।
कांग्रेस नेता एडवोकेट पंकज रॉयल ने बताया कि यह आमरण अनशन जब तक चलेगा, तब तक हरिमोहन शर्मा का टिकट नहीं बदला जाएगा और बूंदी विधानसभा में जगह-जगह हरिमोहन शर्मा के पुतले जलाए जाएंगे और जल्द ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बड़ी सभा कर हरिमोहन शर्मा को पार्टी प्रत्याशी घोषित किए जाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
बूंदी से कांग्रेस प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर 21 कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठे। आमरण अनशन में द्वारका लाल मीणा, रविंद्र राठौर, दीपक पंचोली, प्रदीप मीणा, अनमोल शर्मा, रणजीत मीणा, बलवीर सिंह, दिनेश मीणा, चेतन पंचोली, मोहित शर्मा शिव पांचाल, अमित शर्मा, आयुष शर्मा, भोलाशंकर दुबे, ओमेक्स पंचोली, आदित्य शर्मा, प्रकाश भील, विशाल तिवारी, लोकेश शर्मा, शाहदाब मिर्जा, राजू गुर्जर, बंटी पंचोली, धीरज सनाढ्य आदि बैठे।
इस दौरान जिला कांग्रेस सेवादल के पूर्व मुख्य जिला संगठक मेहमूद अली, शैलेश करवा, गुलशन नायक, रवि मेवाडा, मनोज पारेता सहित सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।