विद्यार्थियों में क्षमतावर्द्धन के लिए होंगे नवाचार
-प्रतिदिन अंग्रेजी में न्यूज-स्टोरी रीडिंग, लेख सुधार के लिए प्रोजेक्ट सुलेख
कोटा 6 फरवरी। शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता एवं क्षमतावर्द्धन के लिए शिक्षक और विद्यार्थी दोनांे स्तरों पर परिणामोन्मुखी तरीकों से कार्य किया जाएगा। मंगलवार को शिक्षा विभागीय जिला निष्पादन समिति की बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि नवाचारांे के साथ बालकों में कौशल विकास किया जाए साथ ही शिक्षकों को भी निरन्तर प्रशिक्षण तकनीकांे के जरिये दक्ष बनाया जाए। उन्होंने विद्यालयों के परिसरों व भवनों को भी स्वच्छ एवं आकर्षक बनाने के निर्देश दिये।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्रार्थना सभाओं में जिस तरह हिन्दी समाचार पठन किया जाता है उसी तर्ज पर प्रतिदिन अंग्रेजी समाचार पत्रों की हेडलाइन एवं ज्ञानवर्द्धक स्टोरी का पठन भी शुरू कराया जाए। इससे विद्यार्थियों में इंग्लिश स्पीकिंग का कौशल विकास होगा। इसके लिए जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन समाचार और स्टोरी का चयन हो और सभी विद्यालयों मंे प्रार्थना सभाआंें में इनकी रीडिंग कराई जाए। समाचार के बारे में समझाया भी जाए ताकि विद्यार्थियों की जानकारी बढे। साथ ही शिक्षा प्रद कहानी से स्टोरी रीडिंग की आदत विकसित हो। इन गतिविधियांेे में सभी वि़द्यार्थियों को अवसर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। इनके वीडियो शेयर किए जाएं जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढेगा।
लेख में सुधार के लिए होंगे जतन
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों का लेख सुधारने के लिए प्रोजेक्ट सुलेख की शुरूआत की जाए। इसके अन्तर्गत कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों पर विशेष तौर पर काम किया जाएगा। उनकी बैठक व्यवस्था सुधारी जाएगी। प्रत्येक वि़द्यार्थी को बेंच मिले ताकि उसका बैठने का तरीका सही रहे और लेख में सुधार हो। बेंच के लिए भामाशाहों का सहयोग लिया जा सकता है। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों का परिणाम सुधारने के लिए भी मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए और कहा कि अधिक ध्यान देने की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उन्हें अतिरिक्त शिक्षण, शंका निवारण के सत्र शुरू किए जाएं।
शिक्षकों का हो क्षमतावर्द्धन व मूल्यांकन
शिक्षा मंे गुणवत्ता के लिए शिक्षक प्रशिक्षण पर जोर देते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण हो और शिक्षण की नवीन तकनीकांे से अवगत कराया जाए। प्रत्येक प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन हो जिसमें वरीयता में सबसे पीछे रहने वाले शिक्षकांे का पुनः प्रशिक्षण कराया जाए जब तक अपेक्षित परिणाम ना आएं।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चारूमित्रा सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी के.के.शर्मा ने विभिन्न गतिविधियों में उपलब्धियों एवं प्रगति पर प्रकाश डाला।