संवादाता शिवकुमार शर्मा
कोटा
प्रशिक्षु आईपीएस मनीष चौधरी की की टीम ने किया अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार 4 मोबाइल, 19 क्रेडिट कार्ड समेत ₹1लाख जप्त
कोटा।
अनन्तपुरा थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, 19 क्रेडिट कार्ड व 1 लाख 10 हजार रुपए बरामद किए हैं। इनसे 100 ठगी की वारदात व 1.50 करोड़ रुपए का हिसाब उजागर हुआ है।
आईपीएस (प्रशिक्षु) मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि फरियादी ट्रांसपोर्ट नगर निवासी पवन गुप्ता ने 18 अप्रेल को दी रिपोर्ट में बताया कि उसकी इलेक्ट्रिकल पार्ट की दुकान है और ऑनलाइन लेन-देन चलता रहता है। उसके पास 10-10 हजार की दो एन्ट्री 28 फरवरी को आनी थी जो नहीं आई। 18 अप्रेल को गूगल पर एम-स्वाइप के कस्टमर केयर के नम्बर सर्च कर काल किया तो उसे बोला गया कि हमारी टीम आपसे सम्पर्क करेगी। कुछ समय बाद विभिन्न नम्बरों से कॉल आया और अपने आप को कस्टमर केयर अधिकारी बताते हुए बातों में उलझाकर एप्लीकेशन क्वीक सपोर्ट मोबाइल में डाउनलोड करवाकर आईडी व पासवर्ड पूछकर उसके मोबाइल को रिमोट पर ले लिया और उसके खाते से 2 लाख 18 हजार 988 रुपए काट लिए। उसने खाते को फ्रिज करवा दिया। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
क्रेडिट कार्ड से पकड़ में आए आरोपी
आईपीएस चौधरी ने बताया कि अनुसंधान में सामने आया कि इस धोखाधड़ी में जिन क्रेडिट कार्डों का उपयोग हुआ है वे राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में सक्रिय हैं। पुलिस ने टीमों को शेखावाटी क्षेत्र में भेजा। टीम ने काफी प्रयास के बाद तीन आरोपियों सीकर जिले के बलारा थाना के पूनियों का बास बींदसर निवासी चन्द्रप्रकाश पूनिया (21), झुंझुनूं जिले के मुकुन्दगढ़ थाना क्षेत्र के सोटवारा निवासी सुनिल झांझडिय़ा (23) व झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र के बडबासी निवासी रविन्द्र उर्फ रवि सिंगड़ (जाट) को गिरफ्तार कर लिया।
वारदात का तरीका
चौधरी ने बताया कि अनुसंधान में सामने आया कि ठगी के इस खेल को कई संगठित गिरोह मिलकर अंजाम दे रहे हैं और इनके अलग-अलग लेवल हैं। एक टीम बिहार, झारखण्ड, उडीसा, पश्चिम बंगाल में सक्रिय है। जिसका कार्य विभिन्न तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर तकनीक का प्रयोग कर उनके खाते से राशि अपने खाते में ट्रांसफर करते हैं। दूसरे लेवल की टीम विभिन्न राज्यों में कार्यरत है जो इन फ्राड करने वाले लोगों से कमीशन लेकर अन्य लोगों को जाल में फंसाकर क्रेडिट कार्ड व फर्जी खातों की व्यवस्था करवाते हैं। तीसरे लेवल पर वे लोग हैं जिनके क्रेडिट कार्ड अकाउंट है, जो कमीशन के लालच में गलत तरीकों से खुद के खातों में आई राशि को विभिन्न तरीकों से निकासी कर अपना कमीशन काटकर लेवल वन पर कार्यरत टीम के खातों में नकद जमा करवाते हैं।
इस खेल में हिस्ट्रीशीटर भी शामिल
पुलिस ने बताया कि इस खेल का मास्टर माइंड झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र के कैमरी की ढाणी खिरोड़ निवासी हिस्ट्रीशीटर रविन्द्र कटेवा (24) है। इसके खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। रविन्द्र कटेवा वर्तमान में सीकर कारागृह में बंद है। जिसे इस प्रकरण में शीघ्र गिरफ्तार कर अनुसंधान किया जाएगा