सरकार द्वारा जारी जारी 128 दवाइयों में उनके पास केवल 28 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है।
https://youtu.be/ciFaGdpKpcQसंवाददाता धर्मेन्द्र सुवालका
हिण्डोली बून्दी राजस्थान
पशु चिकित्सालय में चिकित्सक कर रहे नेतागिरी
128 में से केवल 28 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध समय पर नही आते चिकित्सक
पशुपालक हो रहे परेशान
शिकायत की तो पूर्व सरपंच पर भड़के पशुचिकित्सक
हिंडोली । कस्बे में संचालित प्रथम श्रेणी के पशुचिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं लेकर मंगलवार को पशुपालकों व ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और पशुचिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर रोष प्रकट किया।पशुपालक पूर्व सरपंच हनुमान व्यास,युवा नेता विक्रम सिंह हाड़ा,नवल सिंह,चिराग नकलक,मुकुट शर्मा,पीयूष सोनी सहित कई कस्बेवासी व पशुपालक पशुचिकित्सालय पहुचे । पशुपालक रमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल में जानबूझकर बाहर की दवाइयां लिखी जाती है। ओर घर पर जानवरो को दिखाने के लिए अलग से राशि वसूली जाती है। उससे भी 400 रुपये वसूले गए वह अपनी भेस को दिखाने आया था। उसको बाहर की दवाइयां लिखी उसने ईलाज भी करवाया लेकिन उसकी भेस नही बची उसकी रोजी रोटी छीन गई। वही पशुपालक ब्राह्मणों की झोपड़िया निवासी रामकिशन ने बताया कि वह अपनी बकरी का ईलाज करवाने के लिए पिछले 2 घंटे से बैठा हुआ है। उसको भी बाहर की दवाइयां लिखी गई है।
समय 8 बजे का डॉक्टर खत्री पहुँचे 10 बजे कारण पूछने पर पूर्व सरपंच से की बदतमीजी
गर्मी के समय मे पशु चिकित्सालय का समय सुबह 8 बजे से 3 बजे तक है। बावजूद इसके चिकित्सक सुबह 10 बज तक भी अस्पताल नही पहुँचे। पूर्व सरपंच हनुमान व्यास ने जब फ़ोन पर पशु चिकित्सक महावीर खत्री से बात की उन्होंने उल्टा पूर्व सरपंच को पंचायती नही करने बात कहते हुए रौब झाड़ा फिर हनुमान व्यास ने उनसे अस्पताल आने को कहा डॉक्टर के अस्पताल आते ही पशुपालकों व ग्रामीणों की चिकित्सक से जोरदार बहस हुई। चिकित्सक महावीर खत्री ने बताया कि सरकार द्वारा जारी जारी 128 दवाइयों में उनके पास केवल 28 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को लिख रखा है। इसलिए बाहर की दवाइयां लिखी जाती है।
मीडिया कर्मियों को मोबाईल बंद करने की धमकी भी दी
सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर पहुचे ओर ग्रामीणों से बात करते समय अचानक उनकी नजर मीडियाकर्मियों पर पड़ी तो चिकित्सक ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे मीडियाकर्मियों के कैमरे छीनने की कोशिश करते हुए वीडियो बंद करने की धमकी दी।
मेने पशुचिकित्सक से फोन पर बात की तो मुझसे कहा कि अपनी पंचायती अपने पास रखो यहां तो ऐसे ही काम होगा पशुपालको को हो रही परेशानी को लेकर किया था फ़ोन
हनुमान व्यास - पूर्व सरपंच हिंडोली
भेस के लिए दवाई लेने आया था बाहर की दवाइयां लिखी घर जाकर ईलाज किया तो 400 रुपये लिए फिर भी भेस मर गई
रमेश कुमार गुर्जर - पशुपालक हिंडोली
चिकित्सको का समय सुबह 8 बजे से 3 तक है जबकि 10 बजे डॉक्टर आ रहे है। पशुपालक कई घंटो से बैठे हुए है। इनके पास दवाइया नही है।ये हो क्या रहा है।
विक्रम सिंह हाड़ा - समाजसेवी हिंडोली
चिकित्सक के बात करने का तरीका गलत है। मेने चिकित्सक को फ़ोन करके लताड लगाई है। जो भी कमियां है उसमें सुधार किया जायेगा।
डा. कन्हैयालाल जॉइंट सेकेट्री पशु चिकित्सालय बूंदी
में काम से बैंक गया हुआ था बूँदी से काम करने की बात पर अनजानें में गलत बोल गया। उसके लिए माफी चाहता हु। आगे से ऐसा नही होगा ।
डा.महावीर खत्री - पशु चिकित्सक हिंडोली