जयपुर। देश की जानी मानी यूनिवर्सिटी जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने हाल ही में दो साल की अवधि के लिए मास्टर इन वायरोलॉजी प्रोग्राम शुरू किया है। यानि मेडिकल के छात्र अब जामिया मिलिया इस्लामिया से वायरोलॉजी विषय में मास्टर्स की डिग्री ले सकेंगे। इच्छुक छात्र 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पाठ्यक्रम रोगजनक वायरस, उनके निदान विधियों, एंटीवायरल ड्रग डिजाइनिंग, वायरस के आणविक मार्ग और हाल ही में विकसित उपचार जैसे इम्यूनोथेरेपी और टीकों पर विशेष ध्यान देने के साथ वायरस के विभिन्न डोमेन में सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करेगा। पाठ्यक्रम को नियामक निकायों द्वारा अनुमोदित किया गया है और आवेदन पत्र जामिया की आधिकारिक वेबसाइट - www.jmi.ac.in पर उपलब्ध हैं।
जेएमआई मास्टर्स इन वायरोलॉजी पाठ्यक्रम समन्वयकों में डॉ जावेद इकबाल, डॉ मोहन सी जोशी और डॉ तनवीर अहमद शामिल हैं। डॉ मधुमलर, डॉ सोमलता और डॉ अमित ने भी जामिया में एमएससी वायरोलॉजी कार्यक्रम का स्वागत किया।
बता दें कि वायरोलॉजी पीजी का सिलेबस मेडिकल एक्सपर्ट्स के द्वारा डिजाइन किया गया है, जिनके पास वायरोलॉजी, जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव रसायन, संक्रामक रोग जीव विज्ञान, और कम्प्यूटेशनल और संरचनात्मक जीव विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता है।
दो साल के पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान, छात्रों को कठोर व्यावहारिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण से गुजरना होगा। महत्वपूर्ण रूप से, छात्र सीखेंगे कि आरटी-पीसीआर, जीनोम अनुक्रमण और सीआरआईएसपीआर-कैस डायग्नोस्टिक विधियों जैसी वर्तमान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके वायरस का पता कैसे लगाया जाए, इसके अलावा अन्य परख जैसे इम्यूनोफेनोटाइपिंग, फ्लो साइटोमेट्री, मास स्पेक्ट्रोमेट्री और फ्लोरोसेंट माइक्रोस्कोपी।