जयपुर। राज्य की राजधानी के लगभग 80 किलोमीटर दूर रायसर गांव कुछ दबंगो ने महिला शिक्षिका को 10 अगस्त को पेट्रोल छिडकर जिंदा जला दिया था। महिला शिक्षिका की मंगलवार देर रात यहां एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई।
इस घटना को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। साथ प्रदेश की सरकार पर बिगडती कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह घटना रायसर की बताई जा रही है। मृतका का नाम अनीता रेगर है जिनकी आयु 32 वर्ष थी। अनीत वीणा मेमोरियल स्कूल में शिक्षिका थी। 10 अगस्त की सुबह करीब आठ जब अनीता अपने बच्चे के साथ स्कूल जा रही थी तो कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। खुद को बचाने के लिए अनीता कालू राम रेगर नाम के शख्स के घर में घुस गई और मदद के लिए 100 नंबर डायल किया। हालांकि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद बदमाशों ने अनीता पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
महिला मदद के चिल्लाती रही लेकिन कोई भी सामने नहीं आया। भीड बस वीडियो बनाती रही। घटना की सूचना मिलते ही महिला का पति ताराचंद अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे। अनीता को तब 70 प्रतिशत जली हुई जामवारामगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। और आज सात दिनों के बाद अनीता की मौत हो गई
बताया जा रहा है कि जिन बदमाशों ने अनीता को जलाया उन पर अनीता के ढाई लाख रूपये उधार थे। जब उसने पैसे वापस मांगे तो वे उसके साथ गाली.गलौज करने लगे और मारपीट भी की। अनीता ने इस मामले की रिपोर्ट 7 मई को रायसर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। अनीता के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने आरोपियों के हौसले बढ गये। ताराचंद ने दावा किया कि आरोपी उसके रिश्तेदार हैं। सूत्रों को कहना है कि 10 अगस्त को मौके पर लोगों ने जो वीडियो बनाये थे पुलिस ने उसे किसी के साथ शेयर नहीं करने को कहा था। हालांकि, महिला की मौत की खबर आने के बाद वीडियो वायरल हो गया। पुलिस ने यह भी कहा था कि वे जल्द ही आरोपी को पकड़ लेंगे। लेकिन महिला की मौत के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। एएसपी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।