पूर्व सभापति पर लगाया भ्रष्टाचार और पद के दुरूपयोग का आरोप

वैष्णव अग्रवाल पंचायत ने कहा यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा, पद पर रहते 4 करोड़ की जमीन मात्र सवा 4 लाख में खरीदी, लगाया चूना

संवाददाता

विष्णु भारद्वाज

बारां


बारां 16 जनवरी। श्री वैष्णव अग्रवाल पंचायत ने संरक्षक विष्णु गर्ग व अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता की अगुवाई में पूर्व सभापति कमल राठौर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरूपयोग का आरोप लगाया है। रविवार को अस्पताल रोड स्थित समाज की धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियां ने आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है कि पूर्व सभापति राठौर ने पद पर रहते अपनी मा के नाम 4 करोड़ की भूमि मात्र 4 लाख 25 हजार रूपए में खरीद कर रजिस्ट्री अपनी मां के नाम करा ली। इतना ही नहीं राठौर ने अग्रवाल पंचायत धर्मशाला के लिए आवंटित रास्ते और फोरेस्ट नाले के किनारे वाली 20 फीट जगह को भी नहीं छोड़ा है। पत्रकार वार्ता में महामंत्री अशोक डालमिया, कोषाध्यक्ष राजेंद्र मंगल, उपाध्यक्ष सत्यनारायण गर्ग एवं संरक्षक विष्णु गर्ग ने बताया कि अग्रवाल समाज के लिए नगर पालिका द्वारा दूरभाष केन्द्र अस्पताल रोड पास आवासीय भूखण्ड संख्या 1 से 5 तथा 14 से 22 का सम्पूर्ण भाग जिसका क्षेत्रफल 17037.05 वर्ग फीट का 8 लाख 50 हजार रूपए में आवंटित की गई थी। भूमि एवं इसमें जाने के रास्ते का ब्लू प्रिन्ट नक्शा जारी किया गया था। जिसके अनुसार अस्पताल रोड पर स्थित मकानों के पीछे से 40 फुट का रास्ता उक्त भूखण्ड पर जाने के लिए था। जो भोलेनाथ के मंदिर के पास से अस्पताल रोड पर निकलता था। इस भूखण्ड पर अग्रवाल समाज द्वारा धर्मशाला का निर्माण 3 वर्ष पूर्व करवाया जा चुका है और वर्तमान में समाज की धर्मशाला संचालित हो रही है। लेकिन पूर्व सभापति कमल राठौर ने अस्पताल रोड पर स्थित पुरूषोत्तम, नरेन्द्र, ओमप्रकाश दीनदयाल, बृजमोहन पुत्र कन्हैयालाल राठौर से खरीद किए थे। अग्रवाल समाज के प्रवक्ता पीयूष गर्ग ने बताया कि सभापति राठौर ने अपने पद का नाजायज फायदा उठाते हुए उक्त खरीदशुदा भूखण्डों के साथ छल-कपट एवं पद का दुरूपयोग करते हुए गलत तथ्य पेश कर अग्रवाल समाज की धर्मशाला के 40 फीट रास्ते का भी पट्टा अपनी मां गीता बाई के नाम करवा लिया। जिसकी रजिस्ट्री 26 दिसम्बर 2019 को राठौर ने अपनी मां के ही नाम से कराई है। रजिस्ट्री में भूखंड का जो क्षेत्रफल दर्शाया गया है, वह 1116.67 वर्ग गज दर्शाया गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह भूखंड पूर्व सभापति राठौर ने 4 लाख 25 हजार में खरीदा है। जबकि इसकी वास्तविक कीमत 4 करोड़ होती है। राठौर के खिलाफ गत दिनों पंचायत द्वारा इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस में मामला दर्ज कराया जा चुका है। अस्पताल रोड से पीछे नाले तक पूर्व सभापति राठौर ने जिस भूखंड की रजिस्ट्री अपनी मां के नाम करवाई उसमें से 60 गुणा 30 फीट 1800 वर्गफीट जमीन कन्हैयालाल ने 2014 में अपने बच्चों को विभाजित कर दी थी। जो 1800 फीट ही है। बाकि 9 हजार 200 फीट मात्र ढाई लाख रूपए में ऐसी कौनसी दर लगाई, जो कमल राठौर ने नगर परिषद में सभापति रहते हुए मां के नाम जमीन एलोट करवा दी। इस खरीद में धर्मशाला का रोड सम्मिलित होने से समाज में गहरा रोष व्याप्त है। समाज द्वारा मंत्री शांति धारीवाल से मामले की जांच करवाने के लिए मिलने का निर्णय लिया है।
बिना कोई शुल्क चुकाए रजिस्ट्री कराई-
संरक्षक विष्णु गर्ग ने पत्रकार वार्ता में बताया कि रजिस्ट्री में मां की जगह कमल राठौर के हस्ताक्षर हो रहे हैं। उक्त 40 फीट रास्ते के बाद स्थित नगर परिषद की भूमि का भी बिना कोई शुल्क चुकाए रजिस्ट्री अपनी मां गीतादेवी के नाम करवा ली गई है। संरक्षक गर्ग ने कहा कि पूर्व सभापति राठौर ने आम रास्ते और नाले तक पर भी अतिक्रमण कर लिया है। नाले की सफाई के लिए बीएसएनएल, अग्रवाल धर्मशाला आदि ने पीछे नाले की सफाई के लिए 20 फीट जगह छोड रखी है, लेकिन पूर्व सभापति ने इस जगह की भी रजिस्ट्री करवा ली है। गर्ग ने कहा कि एमपावर कमेटी 2017 के तहत डीएलसी रेट या डीएलसी से आधा एवं नजूल दर से भू पटटी देने का अधिकार है, लेकिन यह भू पटटी नहीं है। इसका नगर परिषद मेंं सवा करोड रूपए जमा होत है। जबकि नगर परिषद में 4 लाख 25 हजार रूपए जमा करवाए गए हैं, जो की भ्रष्टाचार से नहीं नकारा जा सकता है। प्रेस वार्ता में उपाध्यक्ष महेंद्र जैन, वरिष्ठ प्रवक्ता अशोक बंसल, संरक्षक पदम अग्रवाल, राजेश गोयनका, दिनेश बंसल, हंसराज गर्ग, महेंद्र गोयल, दीपक अग्रवाल, दिनेश मंगल उपाध्यक्ष, राजेंद्र मित्तल उपाध्यक्ष, बृजेश गोयल संरक्षक, सुरेश गोयल, मनोज गर्ग, कैलाश नमक वाले, राजेंद्र चौधरी समेत समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।