बाघोली हीरामल मंदिर पर हरिद्वार से लाई गई कावड़ पूजा अर्चना के बाद हीरामल भक्तों ने जयकारों के साथ किया जलाभिषेक
सुमेर सिंह राव
उदयपुरवाटी/ बाघोली
पापड़ा सीमा पर कावड़ियों का पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत।
डीजे की धुन पर नाचते गाते भगत कावड़ियों की साथ पहुंचे हीरामल मंदिर पर।
हीरामल मंदिर पर कावड़ियों का बूआ - बहनों ने तिलक निकालकर किया स्वागत।
बाघोली ।गांव की हीरामल मंदिर में सोमवार को हरिद्वार से लाई गई कांवड़ों को गुरुजी सावल राम गुर्जर के नेतृत्व में दर्जनों हीरामल भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद जयकारों के साथ हीरामल मंदिर व शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। इससे पहले हरिद्वार से कांवड़ियों का जत्था डीजे के साथ पापड़ा से रवाना होकर बाघोली सीमा पर पहुंचा। सीमा पर हीरामल के गुरुजी सांवलराम गुर्जर व सेवा पति फूल चंद गुर्जर के नेतृत्व में हीरामल भक्तों ने तिलक निकालकर व माला पहनाकर स्वागत किया। उसके बाद डीजे की धुन पर नाचते गाते भगत रामनगर की ढाणियों होते हुए जत्था रसगुल्ला फैक्ट्री में पहुंचने पर ग्रामीणों ने अभिनंदन कर रवाना किया। बाघोली नदी बस स्टैंड पर दुकानदारों ने, गांव के मेघवाल बस्ती, मुख्य बाजार, गोपीनाथ मंदिर, बीज भंडार के मुख्य चौराहे, सैनी मार्केट, देवनारायण मंदिर में कावड़ियों ने धोख लगाईं। उसके बाद हीरामल मंदिर पहुंचे। रास्ते में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। हीरामल मंदिर परिसर में डीजे की धुन पर महिलाएं जमकर थिरकी। कावड़ियों ने स्नान कर वापस कावड़ लेने के बाद बुआ ,बहनों ने तिलक निकालकर स्वागत किया। जयकारों के साथ मंदिर में पहुंचे। कांवड़ों के जलाभिषेक के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान दीपेंद्र सिंह इंद्रपुरा,हीरामल भगत दौलत राम, बनवारी लाल, रामजीलाल, प्रभात राम, जीता राम गुर्जर, महेंद्र, बनवारी लाल, रामकुमार, नटवरलाल शर्मा, लीलाधर, मुकेश गुर्जर, मालाराम, जय सिंह, नागरमल सैनी, लक्ष्मण गुर्जर, लालचंद, शिबू दयाल, बाबूलाल, महावीर प्रसाद सैनी, राकेश भगत सहित सैकड़ों भगतगण मौजूद थे।