जयपुर। यूपी चुनावों के एग्जिट पोल दिखाये जाने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मीडिया, चुनाव आयोग और भापजा पर गंभीर आरोप लगाये। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती से ठीक दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मतगणना केंद्र से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) चोरी हो गई है। अखिलेश यादव ने चोरी का वीडियो बसूत भी बताया।
अखिलेश यादव ने इस संदर्भ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके कहा कि जो ईवीएम चोरी का वीडियो सामने आय है उसमें दिखाया गया है कि वाराणसी में एक मतगणना केंद्र पर ईवीएम को असुरक्षित छोड़ दिया गया था, और उन्हें तीन ट्रकों में ले जाया गया था। उन्होंने दावा किया कि उनमें से एक ट्रक को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया था बौर बाकी दो ट्रक भाग गये। उन्होनें कहा कि अगर उन्होनें ईवीएम चोरी नहीं की तो ट्रक भागे क्यों थे।
समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी ओपी राजभर के आरोपों पर राज्य चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने ईवीएम चोरी होनी की बात को खारिज कर दिया और कहा कि कि वीडियो में देखी गई ईवीएम "प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए" थीं। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी के एग्जिट पोल के एक दिन बाद, अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि ये चुनाव "ईवीएम की चोरी" के लिए सिर्फ एक कवर थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि "मैंने अक्सर कहा है कि यूपी चुनाव लोकतंत्र की अंतिम लड़ाई है। इसके बाद, भाजपा को हराने के लिए एक क्रांति होगी। अगर हमें अदालत जाना है तो हम करेंगे लेकिन मैं आप सभी से अपील करता हूं कि "जो लोग लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, वे बाहर आकर मदद करें।"