अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान प्रदेश में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल
बूंदी 16 फरवरी 2024 अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला अध्यक्ष सत्यवान शर्मा एवं संरक्षक पुरुषोत्तम पारीक ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज 16 फरवरी 2024 को प्रदेश में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के प्रदेश व्यापी आव्हान के अन्तर्गत महासंघ के पदाधिकारियों सहित सभी सम्बद्ध संगठनों के जिलाध्यक्ष, मंत्री एवं पदाधिकारियों, एकर्मचारियों ने मुख्य सचिव महोदय के नाम जिला कलेक्ट्रेट में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपा। जैसा कि विदित है देश भर के राज्य कर्मचारी और शिक्षक निम्नलिखित मांगों के समाधान के लिए लगातार संघर्षरत है एवं विभिन्न संगठनों, एसोसिएशन्स एवं फेडरेशन्स ने लगातार आंदोलन किये है परन्तु राज्य सरकार कर्मचारियों की निम्नलिखित मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
इन परिस्थितियों के मध्यनजर केन्द्रीय ट्रेड यूनियन्स् एवं कर्मचारी फेडरेशन्स के आह्वान पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आवाहन पर आज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश के लाखों कर्मचारी एवं शिक्षकों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल रख कर सम्पूर्ण प्रदेश में धरना प्रदर्शन रैली का आयोजन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के नेतृत्व में करके राजस्थान प्रदेश के लाखों कर्मचारी एवं शिक्षक 16 फरवरी 2024 को एक दिवसीय हडताल पर रहें है।
महासंघ के मांग-पत्र की उपरोक्त मांगो का सकारात्मक निस्तारण करवाने हेतु निम्न मांगे मुख्य हैः-
1-पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त हुए राज्य कर्मचारियों की हिस्से के 41 हजार करोड़ रुपये जीपीएफ खाते में जमा करायें। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में परिभाषित पुरानी पेंशन योजना जारी रखी जावें।
2- सभी संविदा/आउटसोर्स/दैनिक वेतनभोगी नियुक्तियाँ बंद करें। सभी संविदा/अनियमित कर्मचारियों को नियमित करें। राज्य सरकारें सभी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी रिक्त पदों को तत्काल प्रभाव से भरें।
3-सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण/निगमीकरण और सरकारी विभागों का आकार घटाना बंद करें।
4 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020८ को रद्द करें एवं संविधान के अनुच्छेद 3100 311 2ढ ए)ए बीए और (सी) को निरस्त करें। सभी कठोर आदेश और परिपत्र (057002018 इल्यादि) प्रत्याहारित करें।
5 प्रत्येक पांच वर्ष की अवधि में एक बार वेतन संशोधन लागू करें। आठवें वेतन आयोग का अविलम्ब गठन करें। साथ ही जब्त किये गये 18 माह के डीए डीआर बकाया सहित जारी करें।
6 सहायक कर्मचारियां को एमटीएस घोषित करने से सम्बन्धित लम्बित पत्रावली का शीघ्र निस्तारण करावें।
7 प्रदेश में कर्मचारी/अधिकारियों की स्पष्ट एवं पारदर्शी (राजनैतिक हस्तक्षेप विहीन) स्थानान्तरण नीति जारी करते हुए वर्षों से प्रतीक्षारत अध्यापकों के स्थानान्तरण शीघ्र किये जायें।
• महंगाई पर रोक लगाते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करें।
इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महांसघ के संरक्षक पुरुषोत्तम पारीक, महासंघ के महामंत्री सुरेन्द्र सिह सोलंकी, अधीनस्थ कर्मचारी संघ के महामंत्री विकास सिंह हाडा कोषाध्यक्ष महेश कुमार वर्मा, राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षा संघ के जिला अध्यक्ष गोपाल मीणा,विष्णु बागड़ी, वेदप्रकाश गौत्तम,रामवीर, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के संरक्षक लीलाधर मिश्रा, जिलाध्यक्ष रामप्रसाद गोचर, एल एच वी/एएनएम संघ से जिलाध्यक्ष सोनाली गुप्ता,गिरजेश हाडा,सहायक कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष अमृत सिंह सोलंकी आदि शामिल थे।