Bundi: अष्टानिका महापर्व के सातवें दिन जबलपुर से आए बाल ब्रहमचारी विनोद भैया जी ने कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत करवाई।

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा

बून्दी राजस्थान 

बूंदी 5 मार्च। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र शीलोदय में चल रहे अष्टानिका महापर्व के सातवें दिन प्रातः जबलपुर से आए बाल ब्रहमचारी विनोद भैया जी ने कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत करवाई। कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम मूलनायक श्री 1008 आदिनाथ भगवान की शांतिधारा करवाई जिसके पुण्यार्जक महेंद्र जी हरसोरा बूंदी, टीकम चंद जी हरसोरा लाखेरी, शांति देवी खमाणी नैनवा, लादूलाल जी धानोत्या बूंदी, एन पी प्रॉपर्टीज बूंदी, रमेश जी गंगवाल बूंदी, महेंद्र जी कोटिया बूंदी ने और भक्तामर आरती के पुण्यार्जक मोहनलाल जी पापडीवाल कापरेन रहे। इसके पश्चात् श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान के सातवें दिवस के श्री सिद्धचक्र विधान के 512 अर्ध मंत्रोच्चार के साथ समर्पित कर संगीतमय भजनों एवम नृत्यो की लहरों के साथ पूजा आराधना हुई।
इस अवसर पर बाल ब्रह्मचारी विनोद भैया जी जबलपुर शास्त्री मयंक भैया जी शास्त्री भुवनेश भैया जी ने प्रवचन में बताया की जीवन के सभी पापों का जनक लोभ है लोभ को दुख का कारण बतलाते हुए कहा कि शरीर व मन के समस्त रोग लोभ से पैदा होते हैं।लोभ को दुख का कारण बतलाते हुए कहा कि शरीर व मन के समस्त रोग लोभ से पैदा होते हैं। लोभ की मात्रा घटती नहीं, मगर दिनों दिन घटने की बजाय निरंतर बढ़ती चली जाती है।ज्यों-ज्यों लाभ होता है त्यों-त्यों लोभ और अधिक मात्रा में बढ़ता चला जाता है। आज तक जितने भी युद्ध -मन मुटाव -हिसा -अत्याचार या अनाचार हुए हैं उसके पीछे एक ही कारण लोभ का रहा है। इंसान की इच्छाएं अनंत होती हैं जो कदापि पूर्ण नहीं हो पाती।
इससे पूर्व शनिवार की रात को आयोजित कवि सम्मेलन मे वीर रस के कवि सजल जैन झलोन ने 'सम्मेद शिखर हमारा है' कविता सुनाकर श्रद्धालुओं के मन में जोश भर दिया, वही जैन दर्शन के कवि अभिषेक जैन बालाघाट ने 'तेरे बिन हमारे नयन प्रभु नीर नीर हो जाते हैं' कविता सुनाकर धर्ममय माहौल बना दिया, मंच का संचालन करते हुए गीतकार अनेकांत जैन आदित्य ने 'विद्यासागर नाम नहीं अमरत्व की निशानी है' और 'चंदनबाला की पीड़ा सुन हम अधीर हो जाते हैं' जैसी कविताएं सुनाकर कवि सम्मेलन में चार चांद लगा दिया।इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज बंधु उपस्थित रहे।
शीलोदय तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री सुनील जैन ने बताया कि रविवार का अवकाश होने के कारण सिद्धचक्र महामंडल विधान में तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी विधान में शामिल होने के लिए जिले समेत आसपास के जिले के श्रद्धालु उमड़ रहे हैं और धर्म लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित टीकम जैन अध्यक्ष, नरेंद्र जैन, अशोक जैन, यशवंत, तरूण जैन आदि