भाजपा किसान मोर्चा ने पेपर लीक के विरोध में किया जल सत्याग्रह

भाजपा किसान मोर्चा ने पेपर लीक के विरोध में किया जल सत्याग्रह

पेपर आउट होने से आक्रोशित युवा किसान करेंगे कांग्रेस को आउट : नायक

ब्यूरो चीफ शिव कुमार शर्मा 
 कोटा राजस्थान

 कोटा 26 दिसंबर, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश नायक के नेतृत्व में युवाओं ने लगातार हो रहे पेपर लीक के विरुद्ध कड़कड़ाती ठंड में चंबल नदी में जल सत्याग्रह किया। नायक ने बताया कि कांग्रेस सरकार सम्पूर्ण कर्जमाफी का झूठा आश्वासन देकर सत्ता में आई और सत्ता में आते ही कांग्रेस ने किसान , युवा और मध्यम वर्ग का शोषण करना आरंभ कर दिया। पिछले चार साल के शासन में एक भी भर्ती पूरी नही हो पाई और कुप्रबंधन के कारण लगातार रीट, वनरक्षक, सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षाओं के पेपर आउट होते रहे।सरकार राहुल गांधी के स्वागत सत्कार में इतनी व्यस्त रही कि पेपर की सुरक्षा और प्रबंधन को ताक पर रख दिया।नायक ने बताया कि चंबल के तट पर ही एसडीएम दीपक मित्तल को ज्ञापन देकर पूरी शिक्षक भर्ती की सीबीआई जांच करवाने,पूरी शिक्षक भर्ती परीक्षाएं निरस्त कर शीघ्र पुनः आयोजित करवाने, लीक गिरोह और दोषी अधिकारियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने,गरीब अभ्यर्थियों को आर्थिक मुआवजा देने आदि की मांग की गई है। पार्षद सोनू धाकड़ और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेश सुवालका ने बताया कि सरकार ने सिर्फ एक ही पेपर को आउट मानकर निरस्त किया जबकि दूसरी पारी सहित 21 दिसंबर से होने वाले पूरे पेपर लीक हुए है इसलिए सम्पूर्ण पेपर निरस्त करके बेरोजगार युवाओं को न्याय मिलना चाहिए।भाजपा नेता मनीष शर्मा और लोकेश गुप्ता ने बताया कि अगर कांग्रेस सरकार ने सारे पेपर निरस्त करने सहित युवाओं की मांग को नजरंदाज किया तो युवा आंदोलन करके कांग्रेस सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।मौके पर उपस्थित व्याख्याता मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि गरीब माता पिता अपना घर और जमीन गिरवी रखकर अपनी संतान को रोजगार पाने के लिए शहरो में भेजते है और नकल गिरोह उनकी आशाओं पर पानी फेर देते है।इस अवसर पर पार्षद विवेक  मित्तल, पार्षद दिलीप नायक, पार्षद सुनील गौतम, जिला संयोजक गिर्राज नायक, घनश्याम ओझा,उमंग चतुर्वेदी,मनु प्रताप, मोनू पांचाल,कमल गुर्जर,दिनेश मेहरा,मानसिंह, रामावतार मीना, कृष्ण दिवाकर, चंद्रप्रकाश हर्षवाल,सतीश गोचर,राधे जांगिड़,,गुरदीप सिंह नन्नू,हरीश नायक आदि उपस्थित रहे।