मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऐतिहासिक बजट दिया है, ऐसा बजट आज तक पेश नहीं हुआ - संगीता गर्ग
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऐतिहासिक बजट दिया है, ऐसा बजट आज तक पेश नहीं हुआ - संगीता गर्ग
स्वरचित पंक्तियों-
*बजट ये न्यारा*
बचत, राहत और बढ़त
अशोक गहलोत ने दिया ऐतिहासिक बजट !
बड़े, बुढे, बच्चे, जवान,
हर वर्ग का रखा ध्यान !
किसान, व्यापारी और महिलायें
मुख्यमंत्री हर वर्ग को चाहे !
छात्र, युवा और पत्रकार,
हर वर्ग का सपना हो साकार !
शिक्षा चिकित्सा और बिजली पानी,
हर एक को देने की ठानी !
विपक्ष के उड़ गये तोते,
केन्द्र भी रह गया सोते !
प्रधानमंत्री जो कर नहीं पाये
अशोक गहलोत जी वो कर जाये !
ऊचें सपने ऊँची उड़ान,
वो रखे सबका ध्यान !
स्वावलम्बन, सेवा और व्यापार,
उन्होंने किया हर तरफ प्रयास !
हर वर्ग है उनको प्यारा,
बना कर लाये बजट ये न्यारा !
सबको दे कर सम्मान,
बढ़ गया देखो उनका भी मान !
बारम्बार मैं प्रणाम करुं,
अशोक गहलोत जी का ध्यान धरुं !
देकर बजट ऐसा न्यारा,
हर एक का भविष्य संवारा !
जनता का यही है कहना
फिर से राजस्थान के मुखिया बनना !
देकर बजट ये न्यारा,
वो बन गये हर आँखो का तारा !
संगीता गर्ग
सदस्य राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
निवर्तमान प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता राजस्थान कांग्रेस कमेटी