हिमाचल में कांग्रेस की फतेह लेकिन 15 सीटों पर जीत का मार्जिन 2,000 से भी कम
जयपुर न्यूज डेस्क। हालांकि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटों में से 40 सीटें जीतकर भाजपा से सत्ता छीन ली थी, लेकिन पार्टी के उम्मीदवारों की 15 सीटों पर 2,000 वोटों से कम जीत का मामूली अंतर रहा है।
भोरंज, सुजानपुर, दारंग, बिलासपुर, श्री नैना देवी, रामपुर, शिलाई और श्री रेणुकाजी में दोनों दलों के उम्मीदवारों को मिले वोटों की संख्या में अंतर 1,000 वोटों से कम था। वहीं, भट्टियात, बल्ह, ऊना, जसवां परागपुर, लाहौल और स्पीति, सरकाघाट और नाहन में केवल 1,000 से 2,000 के बीच का अंतर था। निवर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सिराज से 38,183 मतों से जीत हासिल की जोकि सबसे अधिक जीत का अंतर है। जबकि भाजपा के पवन काजल ने कांगड़ा में 19,834 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र रोहड़ू में कांग्रेस के मोहन लाल ब्राक्टा ने 19,339 मतों की बढ़त हासिल की। कांग्रेस के सुरेश कुमार ने भोरंज में सबसे कम अंतर से महज 60 वोटों से जीत हासिल की। श्री नैना देवी सीट से भाजपा के रणधीर शर्मा ने 171 मतों के अंतर से और बिलासपुर से त्रिलोक जम्वाल ने 276 मतों के अंतर से जीत हासिल की। कांग्रेस और बीजेपी को क्रमश: 40 और 25 सीटें मिलीं लेकिन वोट शेयर में अंतर केवल 0.90 फीसदी का था.
गुरुवार को यहां मीडिया से बात करते हुए ठाकुर ने कहा, "आप भी वोट शेयर देखें तो अंतर महज एक फीसदी का है. इसके बावजूद कांग्रेस ने कई सीटों पर जीत दर्ज की. लेकिन हम जनादेश का सम्मान करते हैं." यह पूछे जाने पर कि भाजपा के लिए क्या गलत हुआ, ठाकुर ने कहा कि हार के कारणों का बाद में विश्लेषण किया जाएगा।