सीरी संस्थान में भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग
पिलानी (केपी रूंथला) कस्बे के सीरी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान संस्थान में देखने में आया है कि गत लंबे समय से भ्रष्टाचार को पनाह मिलती जा रही है। छोटे एवं लघु उद्यमियों के साथ शोतेला व्यवहार किया जाता है ।बिल के ऊपर भुगतान कमीशन न देने पर स्थानीय वयापारियो को कार्य से वंचित कर दिया जाता है ।सीरी संस्थान में साठगांठ वाले व्यक्तियों को ही कार्य देकर प्रोत्साहन मिलता है। पिलानी सीरी संस्थान के लिए 35 वर्षों से नियमित करते आ रहे मुद्रण कार्य में अब वर्तमान संस्थान के निर्देशक एवं स्टोर क्रय विक्रय विभाग एवं जनसंपर्क अधिकारी की बढ़ती लापरवाही एवं कमीशन खोरी के चलते पिलानी के वरिष्ठ पत्रकार कैलाशपति रूंथला ने संस्थान के महा निर्देशक को पत्र लिखकर संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया एवं पनपते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग रखी। स्थानीय निर्देशक को बार-बार पत्र लिखने के बावजूद भी कार्रवाई न करने के उपरांत लघु उद्यमी को कार्य से वंचित करना हर एक कार्य में कमीशन खोरी या अधिक रेट लेकर कार्य देना विभाग में अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण है जिसके ऊपर प्रशासनिक अधिकारी निर्देशक आंखें मूंद कर बैठे हैं। जिसके चलते संस्थान आज दिन प्रतिदिन की साख का बट्टा लगता जा रहा है संस्थान वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक वैज्ञानिक प्रोजेक्ट के अभाव में खाली बैठकर समय व्यतीत करते हैं संस्थान के द्वारा दूध की शुद्धता पर किए गए शोध का जनता को सीधा लाभ न मिल पाने से व्यर्थ में पैसा बर्बाद होता नजर आ रहा है संस्थान में आज भी वही पुरानी 20 साल पुरानी पद्धति के ऊपर कार्य करने को विवश होना पड़ रहा है जिसके चलते संस्थान में बीते वर्ष आग लगी जिससे भारी क्षति का सामना करना पड़ा लाखों करोड़ों का सामान जलकर भस्म हो गया यह लापरवाही का संस्थान का एक बड़ा उदाहरण है। सीरी संस्थान के द्वारा मनमर्जी के चलते अन्य कार्यों में लापरवाही सिद्ध होती नजर आ रही है स्थानीय पत्रकार ने सीरी संस्थान के महानिदेशक विज्ञान मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय को एवं रफ़ी मार्ग दिल्ली को वर्तमान स्थिति से अवगत करा कर के शीघ्र ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग रखी और स्थानीय भ्रष्ट अधिकारियों का यथाशीघ्र तबादला करने की भी बात कही। क्रय विक्रय विभाग में बड़ी अनदेखी लापरवाही एवं मिलीभगत के कारण संस्थान को हर वर्ष कई लाखों का नुकसान भुगतना पड़ रहा है जिसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।