ओडीएफ प्लस ग्रामों के लिए संचालित कार्यों की जिला कलेक्टर ने की समीक्षा

- आगामी 15 मार्च तक ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के समस्त कार्य पूर्ण कराने के दिए निर्देश


बूंदी 23, फरवरी। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण योजना के तहत द्वितीय चरण के अन्तर्गत जिले के समस्त ग्रामों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के तहत कार्य करवाकर समस्त ग्रामों को ओडीएफ प्लस के रूप में विकसित करने के लिए करवाये जा रहे कार्यों की गुरुवार को यहां जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में जिला कलेक्टर ने कम प्रगति वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारी से प्रगति की समीक्षा कर शेष सभी गांवों में 15 मार्च तक तरल कचरा प्रबंधन के कार्य करवाकर गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित करवाने के लिए विकास अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों एवं ग्रामों में घर-घर से कचरा संग्रहण करने के लिए के लिए 15 मार्च तक परिवहन के साधन क्रय करने और घर-घर से कचरा संग्रहण का कार्य शुरू करवाया जावे। जिला कलक्टर ने तालेड़ा विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि डाबी, गोपाल गौशाला पर गोवर्धन परियोजना स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही 7 दिवस में पूरी कर अविलम्ब कार्य शुरू करवाया जावे।  

उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में शौचालय विहीन समस्त राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों, विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत आने वाले समस्त स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम पंचायत भवनों एवं समस्त राजकीय कार्यालय भवनो में भी निर्धारित तिथि तक शौचालय निर्माण एवं शौचालय में पानी एवं बिजली की व्यवस्था कर नियमित रूप से शौचालय का उपयोग, रख-रखाव एवं संचालन एवं जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल कनेक्शन करवाए जाए।  

उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतो में कचरा संग्रहण केन्द्र (आरआरसी) के लिए जगह का अलोटमेन्ट करवाकर स्वीकृतियां जारी कर दी गई है, उनमें निर्माण कार्य पूर्ण करवाये। इसके अलावा जिन ग्राम पंचायतो में कचरा संग्रहण केन्द्र (आरआरसी) हेतु जगह का अलॉटमेंट के लिए प्रस्ताव नही भेजे है, ऐसी पंचायतों के प्रस्ताव आगामी 7 दिवस में भिजवाए जाएं। उन्होंने  प्रत्येक ब्लाॅक से चयनित एक-एक ग्राम पंचायत को उत्कृष्ट श्रेणी में माॅडल ओडीएफ प्लस बनाये जाने के लिए रामनगर, ठीकरदा, अरनेठा, बासी एवं सीन्ता के सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतों के समस्त ग्रामों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के तहत डीपीआर में लिये गये समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण किए जावे।
        
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश चन्द मीना ने निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत समस्त ग्रामों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के तहत समसत गांवों में कचरा पात्र, कम्पोस्ट पिट, नाडेप, कचरा परिवहन वाहन, आरआरसी केन्द्र, तालाब स्थलीकरण, साफ-सफाई, किचन गार्डन, नाली निर्माण, सामुदायिक सोख्ता गड्डा, मैजिक पिट का निर्माण कार्य पूर्ण करवाकर जिले की समस्त ग्राम पंचातयो के समस्त ग्रामों को एसडब्ल्यूएमध्एलडब्ल्यूएम किसी भी एक श्रेणी में ओडीएफ प्लस घोषित करवाया जावे।  
       
इस दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. महावीर कुमार शर्मा, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग रिचा चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ओ.पी सामर, 50 ग्राम पंचायतों के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार योजना के जिला स्तरीय एवं ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी, सभी पंचायत समितियों के ब्लॉक समन्वयक तथा ब्लाॅक एमआईएस आदि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन स्वच्छ भारत मिशन जिला परियोजना समन्वयक निजामुद्दीन ने किया।