राम बारात में झूमे अयोध्यावासी, विदाई में नम आंखें
राजा जनक ने किया देवी सीता का कन्यादान, श्रीराम जानकी ने लिए फेरे
- मकर सक्रांति की सुबह होगे संत दर्शन
कोटा, 13 जनवरी।
श्री रामधाम सेवा आश्रम द्वारा ट्रस्ट परिसर दादाबाड़ी में आयोजित की जा रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को श्री राम विवाह, श्रीराम जानकी फेरे, सीता का कन्यादान एवं विदाई प्रसंग का मंचन किया गया।
आश्रम समिति के व्यवस्थापक महाराज लक्ष्मणदास ने बताया कि श्रीराम कथा का वाचन वृंदावन धाम के संत बालकदास महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है। कथा दोपहर 1 से 5 बजे आश्रम परिसर में चल रही है। श्रीराम कथा का समापन 16 जनवरी सोमवार को होगा। कथा के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और हज़ारों भक्त शामिल हो रहे हैं। रामधाम आश्रम सेवा समिति के प्रभारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मकरसंक्रांति के अवसर पर आश्रम परिवार द्वारा सुबह 8 बजे स्वामी रामानंद जयंती भी मनाई जाएगी, जिसमें पंचामृत अभिषेक और संत दर्शन होंगे।
- सियाराम के फेरे, विदाई में नम आंखें :
रामकथा का प्रारंभ श्रीराम जानकी के विवाह के साथ किया गया। इस दौरान राजा जनक ने देवी सीता का कन्यादान किया। वहीं राम और सीता के फेरे के रीत भी पूरी की गई। देवी सीता को जनकपुरी से विदा किया गया तो भक्तों की भी रुलाई फूट पड़ी। महाराज बालकदास ने राम-सीता विवाह की तैयारियां और उत्साह उत्सव का प्रवाह भी सुनाया। इसी प्रसंग के साथ कथा को विश्राम दिया गया। इस उपरांत कथा यजमान रमेश शर्मा भी परिवार के साथ उपस्थित रहे। कथा के दौरान कथावाचक बालकदास महाराज का अभिनंदन भी किया गया।
- श्री रामकथा हमें सन्मार्ग पर चलना सिखाती है :
महाराज बालकदास ने सीता स्वयंवर का वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान राम ने धनुष को तोड़कर माता सीता से अपना नाता जोड़ा उसी प्रकार हमें भी अपनी माया मोह के बंधन को तोड़ते हुए भगवान की शरण लेनी चाहिए। मनुष्य संसार को असली समझता है। वह इस संसार के चक्कर में भटकते रहते हैं और हाथ कुछ नहीं आता। श्री रामकथा हमें सन्मार्ग पर चलना सिखाती है। कथा व्यास ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को इस मौके पर प्रतिदिन श्रीरामचरितमानस का पाठ करने का आग्रह किया। कथा व्यास ने कहा श्री राम को अपने अंतःकरण में उतार कर देखें आपका जीवन धन्य हो जाएगा।
- कथा में भक्तों ने लिया धर्म लाभ :
श्रीराम कथा में भक्तों में खासकर महिलाओं ने नृत्य एवं संगीत के आनंदमई माहौल का लाभ लिया। कथा श्रमण में भक्त लीन हो गए। इस अवसर पर समिति के श्याम सुंदर, रमेश गुप्ता, सत्यनारायण सुमन, हरिप्रसाद अग्रवाल, सूर्या सिंघल एवं महिला मंडल में गिरिजा शर्मा, मोनिका गौतम, सुमित्रा देवी, भावना शर्मा, सरोज शर्मा एवं वेद विद्यालय के विद्यार्थी और भक्तजन व श्रृद्धालु उपस्थित रहे। कथा के पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया।