Jodhpur: राजस्थान में जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भुंगरा गांव में गैस सिलेंडर फटने के बाद लगातार हो रही मौतों पर मातम पसरा हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद मंगलवार को अस्पताल में चार लोगों की मौत हो गई, यह संख्या अब 22 हो गई है. हादसे में मरने वालों में दूल्हे के पिता और उसका मासूम भतीजा भी शामिल है. वहीं इस भयानक हादसे के बाद अब 10 बच्चों की मौत हो गई है. फिलहाल सभी घायलों का इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में चल रहा है, जहां 32 घायल अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.
वहीं सोमवार को मरने वालों में 9 बच्चे, 8 महिलाएं और एक पुरुष शामिल है. वहीं, मंगलवार को मरने वालों में 50 फीसदी से ज्यादा जले हुए थे। खबरों के मुताबिक दूल्हे के पिता सगत सिंह (55), दिलीप कुमार (24), सुगन कंवर (56), ऐदन सिंह (9) की मंगलवार को महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, 8 लोग मेडिकल केयर में हैं जिनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है.
उधर, मंगलवार को हुई मौत के बाद जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने अस्पताल का दौरा कर मेडिकल स्कूल के निदेशक डॉ. दिलीप कछवा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा से क्लीनिकल इलाज की जानकारी ली। इस बीच, अस्पताल ने मरीजों के परिजनों के लिए एक परामर्श कक्ष स्थापित किया, जहां अस्पताल के कर्मचारी मरीजों को व्यापक जानकारी प्रदान करते हैं।
इसके अलावा अब अस्पताल में हर कोई अपनों के लिए दुआ कर रहा है. गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना के बाद जोधपुर का दौरा किया और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना.
वहीं, सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 8 से 10 रुपये देने की घोषणा की है और घायलों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया है. वहीं, घटना के बाद लोगों ने सोशल नेटवर्क के जरिए पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने का अभियान शुरू किया.
इधर, घटना के बाद जोधपुर एंबुलेंस एसोसिएशन ने मानवीय कदम उठाया। एंबुलेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश प्रजापत ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सभी दुर्घटना पीड़ितों को निःशुल्क एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है.
मुकेश ने कहा कि इस घटना के बाद लोगों को एंबुलेंस मुहैया कराने का फैसला किया गया जहां सभी घायलों और मृतकों को उनके गांव पहुंचाया गया.