जयपुर। काबुल एयरपोर्ट पर आतंकियों ने तीन दिन के अंदर फिर से बम बलास्ट कर दिया। सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए आईएसआईएस द्वारा यह हमला किया गया है। इस हमले में 2 लोगों के मारे जाने की खबर है। इससे पहले अमेरिका खुफिया एजेंसी ने फिर हमले का अलर्ट जारी किया था। और वहीं हुआ, आईएसआईएस के आतंकी अमेरिकी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
इससे पहले हुए आतंकी हमले में 150 से अधिक लोग मारे गये थे। जिसमें 13 अमेरिका के सैनिक शामिल थे। आतंकी हमले के बाद जो बाइडेन ने हमलावरों को चुन चुन के मारने का एलान किया था। अमेरिका ने जबावी हमले ड्रोन से किये और दावा किया कि उन्होंने दो हाई प्रोफाइल लक्ष्यों को तबाह कर दिया है। पेंटागॉन ने कहा कि हमले में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
बिडेन ने शहीदों को दी श्रद्धांजली
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने रविवार सुबह डेलावेयर में डोवर एयर फोर्स बेस की यात्रा की, जहां उन्होंने आतंकी हमले में शहीद हुए अपने 13 सैनिको को राजकीय सम्मान दिया।
दूसरी तरफ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का कहना है कि फ्रांस और ब्रिटेन की योजना है कि सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में काबुल में एक सुरक्षित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव रखेंगे। जो मानवीय कार्यों को जारी रखने की अनुमति देगा। फ्रांस के नेता ने रविवार को कहा कि पेरिस और लंदन अफगानिस्तान में संकट पर एक सुरक्षा परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव लायेगी जो तालिबान पर दबाव बनाए रखेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जवाबदेह ठहराएगा।