Kota: कोटा बने धार्मिक पर्यटन नगरी, भगवान मथुराधीश जी का परिक्रमा मार्ग सुंदर व चौडा होः- संदीप शर्मा
ब्यूरो चीफ शिव कुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 2 मार्च। आज राजस्थान विधानसभा में विधायक संदीप शर्मा ने विषेष उल्लेख के माध्यम से कोटा में मधुराधीष जी के मंदीर व आसपास के क्षैत्र को विकसित व सौंदर्यीकरण करने की मांग की। विधायक ने सदन को बातया कि कोटा शैक्षणिक नगरी के साथ साथ धार्मिक नगरी भी है। यहां मथुराधीश मंदिर, कोटा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान कृष्ण और वल्लाभ संप्रदाय जो कि कृष्ण जी के अनुयायी को समर्पित है। वल्लभभ के सप्त उपपीठों में प्रथम स्थान कोटा के मधुराधीश जी का है। कोटा के पाटन पोल में भगवान मथुराधीश जी का मंदिर है. इसी कारण यह नगर वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल है । मंदिर एवं उसके आस-पास के क्षेत्र की स्थिति श्री नाथद्वारा की तरह प्रतीत होती है। हालाँकि मंदिर श्रीनाथद्वारा जितना विशाल नहीं है। इस मंदीर को रियासत काल में नंदग्राम के नाम से भी जाना जाता है।
वल्लभ सम्प्रदाय का प्रधान पीठ होने के कारण वर्ष भर इस सम्प्रदाय के धर्मावलंबी यहाँ आते रहते है। यहाँ मथुराधीश जी की सेवा वल्लभ सम्प्रदाय की परम्परा के अनुरूप की जाती है । और वर्ष भर परियंत यहां उत्सवों का आयोजन होता है। यहाँ आयोजित प्रमुख उत्सवों में कृष्ण जन्माष्टमी, नंद महोत्सव, अन्नकूट तथा होली का उत्सव प्रमुख है। यहां लाखें धर्म प्रेमी बंधुओं के आस्था का प्रमुख केन्द्र है । परन्तु चिंता की बात ये है कि इतना प्राचीन और लाखों लोगों के आस्था का केन्द्र होने के बाद भी इस मंदीर का पुनःद्वार नही हो पा रहा है। इसका परिक्रमा मार्ग बहुत सकरा और अव्यवस्थित मार्ग है । जब लाखों लोग परिक्रमा और दर्शन करने आते है तो तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधायक ने सदन में मांग की कोटा में धार्मिक व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये इस मंदीर के आस पास का क्षेत्र विकसित करने कर कोटा को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित हो सके।
विधायक ने कहा कि कोटा में स्थित भगवान मथुराधीश जी के मंदीर में पूजा अर्चना करने सम्पूर्ण राजस्थान से ही नही गुजरात, महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश व दक्षिणी क्षैत्र से भी धर्मिक श्रद्वालु यहा दर्शन करने आते है। यह मंदीर लोगों की आस्था और श्रद्वा के केन्द्र है। इस मंदिर से कोटा को धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किया जा सकता है। कोटा वासियों को भी प्रबल आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सरकार को इस ओर ध्यान देकर इस क्षेत्र का विकास कराने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के अरबों रुपये के कार्यों का विकास कार्य चल रहा है परन्तु सरकार द्वारा कोटा में धार्मिक पर्यटन को बढावा देने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। इस मंदिर से कुछ ही दूरी पर सरकार चम्बल रिवर फ्रंट का कार्य करवाया गया परन्तु सरकार ने इस मंदिर से जुड़े क्षेत्र को विकसित करने की कोई कार्य योजना नही बनाई। भगवान मंधुराधीष जी का यह मंदीर लाखों लोगो की आस्था का केन्द्र है। विधायक ने सरकार से मांग की इस मंदिर के आस पास का सार्दयीकरण का कार्य व इसके परिक्रमा मार्ग का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और मंदिर के आस पास के क्षेत्र के विकास से स्थानीय स्तर पर भी लोगो को रोजगार के अवसर मिले ।