Kota : विधायक संदीप शर्मा ने शून्यकाल में कोटा में पुलिस कमीशनरेट बनाने की मांग की।
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा में खुले पुलिस कमीशनरेट:- संदीप शर्मा
कोटा में अपराधों की रोकथाम को लेकर बोल विधायक शर्मा:- संदीप शर्मा
कोटा 17 फरवरी , विधायक संदीप शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में कोटा में बढतें अपराधों की रोकथाम के लिये पुलिस कमीशनरेट बनाने की मांग की। विधायक ने कहा कि कोटा शहर का जनसंख्या व क्षेत्रफल में तेजी से विस्तार होने तथा शैक्षणिक नगरी होने से 2 लाख विधार्थीयों का कोटा में रहकर अध्ययनरत् होने से वर्तमान में कोटा शहर की 15 लाख से अधिक आबादी और 2 लाख कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों की संख्या व 86 हजारों एकड़ का शहरी क्षेत्रफल को संभालने में पुलिस शहरों में अपराधों का नियंत्रण करने में असमर्थ होने लगी है। इससे तेजी के साथ आपराधिक गतिविधियां बढ़ने लगी है। शहर में मात्र 21 थाने व 27 चैकियां है व 2999 नफरी है तथा ग्रामीण 17 थाने, 30 चैकियां व 1000 पुलिस फोर्स होने से यह नाकाफी है कि इतने बडी कानून व्यवस्था संभाल सके। कानून व्यवस्था इतने बड़े रूप में संभालने के लिए पुलिस कर्मीयों व संसाधनो की कमी प्रतीत होने लगी है। कोटा में पुलिस कमीशनरेट व्यवस्था लागू की जायें। कोटा में पुलिस कमीशनरेट स्थापित होने से नफरी व संसाधन पर्याप्त मात्रा में बढ़ जायेगें व नफरी भी बढ जायेगी वांछित थानें चैकियों में इजाफा होगा और बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण होगा। जिससे आमजन को सुरक्षा प्राप्त हो व अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगे। विधायक ने कहा कि कोटा में 2 लाख बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। उनके लिए भी अलग से पुलिस थाना बनाने की आवश्यकता है जहां पुलिस उप अधीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त हो जो मानसिक यातना से पीडित छात्रों की काउंसिलिंग कर सके तथा छात्रों की आत्महत्या के मामलों में भी कमी आए तथा वहां हो रही अपराधिक व असमाजिक तत्वों की धुस पेठ पर लगाम लग सके।
मुख्यमंत्री सेे भी विधायक ने कोटा में बढतें हुए अपराधों के बारे में बताया।
विधायक ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर कोटा में बढतें अपराधों और पुलिस की कार्य प्रणाली के बारे बताया कहा कि कोटा की जनसंख्या बढने के कारण कोटा के क्षैत्रफल का भी विस्तार हो गया है और कोटा की अधिक संख्या हो गयी है। कोटा में 2 लाख से अधिक विधार्थी कोचिग लेने देश के अन्य राज्यों से आते है । पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन व पुलिस जापता नही है जिससें अपराधी पुलिस की नाक के नीचे से निकल जाते है। कोटा में गत वषों से अपराध चरम सीमा पर है। रोजाना अपराधों के कारनाम समाचार पत्रों के माध्यम से पढनें को मिलतें है। आये दिन कोटा में चाकुबाजी की घटना होना , राहगीर महिलाओं के साथ चैनस्कैचिंग और लूट के मामले नजर आते है। अपराधियों और पुुलिस के अधिकारीयों की साठ के कारण अपराधी खुले आम वारदात कर रहे है। कोटा में चाकुबाजी, लूट हत्याओं चैन स्केचिंग व साईबर की घटना में अव्वल जा रहा है जिससे सम्पूर्ण भारत देश में कोटा अपराधिक घटनाओं में भी कोटा बदनाम शहर हो रहा है। सम्पूर्ण कोटावासी दहशत में है। राहगीर महिलाओं के साथ चैनस्कैचिंग और लूट के मामले नजर आते है। खुले आम अवैध शराब बिक रही है। रोजाना पुलिस की गश्त के बाद भी अपराध पुलिस की नाक से निकल जाते है। कोटा में बढतें अपराधों के कारण लोग घरो व दुकानों में भी सुरक्षित नही है।
विधायक ने मांग कि कोटा में बढतें अपराधों की रोकथाम के लिये कोटा पुलिस कमीशनरेट प्रणाली लागू हो और कोटा में कोचिंग विधार्थीयों के लिये अगल से पुलिस थाना खोला जाये जिसमें उपअधीक्षक स्तर के अधिकारी नियुक्त हो ताकि कोटा में छात्रों मासिक तनाव झेल रहें छात्रों की काउंसलिग हो और आत्महत्या के भी मामलों में भी कमी आयें।