Kota : विघायक संदीप शर्मा ने नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से सदन में प्रश्न उठाया।
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
केवल चौहरायों को सजाने मात्र से ही नही होगा विकास,
कोटा स्मार्ट सिटी कोटा में साफ सफाई और आमजन की सुविधाओं का भी ध्यान दे :- संदीप शर्मा
कोटा/जयपुर 24 जनवरी। विधायक संदीप शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में प्रकिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 295 के तहत कोटा शहर में आमजन की मूलभूत सुविधाओं के अभाव व साफ सफाई नही होने के कारण लोगों को भारी परेषानी उठाने का मामला सदन में उठाया। विधायक ने सदन में बताया कि कोटा शहर स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद कोटा में नगर विकास न्यास और नगर निगम कोटा द्वारा सोंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है जिसके चलतें कोटा में आमजन की मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। कोटा में गली मोहल्लों की सडके टूट रही है और सडके जर्जर अवस्था के कारण लोग दुर्घटना के शिकार हो रहें हैें। नालीया और काॅलोनियों के पार्क बदहाल है जगह जगह नालियां टूटी पडी है और नालियों में मलबा जमा है। काॅलोनियों में कचरे पांईट बने है जिसके कारण सभी मोहल्लें वासी परेशान है। नालों की ठीक प्रकार से साफ साफ न होने के कारण लोगों के घरों में नाला जाम होने के कारण पानी भर जाता है जिससें आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। ठीक प्रकार से वार्डों में सफाई कर्मी न होने के कारण साफ सफाई नही हो रही है। नगर निगम कोटा द्वारा गत वर्ष करोडों रूपय की लागत से सफाई हेतु उपकरण क्रय किये गयें । निगम द्वारा कोटा में ट्रचिंग ग्राउंड की सफाई हेतु 2 करोड की लागत से मशीने खरीदी गयी परन्तु मशीने सही तरीके से काम नही कर रही है। लोग गली मोहल्लों में गंदगी के कारण नरकीय जीवन यापन कर रहें है। कोटा में कोटा नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में अरबों रूपयों की लागत से चौराहों को सजाया जा रहा है। करोडों रूपए साफ सफाई में खर्च कियें जा रहे है परन्तु आज भी देश की नगर निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण में कोटा नगर निगम कोटा दक्षिण 141 व कोटा उत्तर नगर निगम की स्मार्ट शहर में 364 वां स्थान मिला है। कोटा स्वच्छता के मामलें में पिछडा हुआ है स्वच्छता के पिछडें होने के कारण केन्द्र सरकार कम रैगिंग के आधार पर कम बजट भेजा जा रहा हैं। आज मध्यप्रदेश के तीन तीन शहर स्वच्छता में टाॅप टेन की सूची में है। कोटा में अरबों रूपयों के विकास कार्य चलने के बाद भी कोटा स्वच्छता के कारण पिछड रहा है । कोटा में केवल चौहरायेां व अन्य काॅस्टमेटिक सोदर्यीकरण का कार्य करवाया जा रहा है।
विधायक ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त स्मार्ट सिटी बनाने के लिये दिया गया जिससें आम जन की सुविधाओं को ध्यान में रख कर ये बजट आवंटित किया गया और कांग्रेस सरकार द्वारा बजट को काॅस्मेटिक सोदर्यीकरण के लिये खर्च किया जा रहा है इसके विपरीत कोटा में ठीक प्रकार में साफ सफाई और गली मोैहल्लें के नाली पटान पार्को की साफ सफाई व आमजन की सुविधाओं के लिये कोई ध्यान नही रखा गया। इस बजट से ंकेवल सुन्दर चौहरायो को सजाने और अन्य कार्यो में खर्च किया जा रहा है। कोटा शहर स्वच्छता सर्वे में आज तक टाॅप टेन शहरों में नही आ पाया है। स्वच्छता सर्वे 2022 में नगर निगम कोटा उत्तर का 364 वां व कोटा नगर निगम कोटा दक्षिण 141 वें स्थान पर आया है जो हम सभी कोटा वासियों के लिये चिंता का विषय है। स्मार्ट सिटी के बजट का सही प्रकार से उपयोग नही हो पाया। नगर निगम कोटा द्वारा करोडों रूपए की मशीनें साफ सफाई व अन्य कार्यो के लिये खरीदी गयी जो एक वर्ष तक निगम के गेराज में खडी रही है। कोटा में अरबों रूपय खर्च होने के बाद भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रहा है और परेशानी का सामना कर रहा है।
विधायक ने अध्यक्ष से मांग की कोटा में आमजन की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखतें हुए नाली, सडक व साफ सफाई के कार्यो पर भी ध्यान दिया जाये जिससें आमजन को सुविधाये मिल सके और कोटा में स्वच्छता की रैंकिंग में अन्य प्रदेश के मुकाबलें में नये आयाम स्थापित कर सकें।