Bundi: पुलिस और बाल संरक्षण इकाईयों की बूंदी के सभी वर्ग के व्यापारियों के साथ वार्तालाप की नई पहल.........
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान
बून्दी 9 मार्च 2023, मिशन सुरक्षित बचपन के तहत् , बच्चों के प्रति सामाजिक दायित्व पर पुलिस प्रशासन, बाल कल्याण समिति एवं राइज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में पुलिस ऑडिटोरियम बून्दी में जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव की अध्यक्षता में बून्दी जिले के समस्त व्यापार मंडल एवं व्यापारिक एसोसिएशन के साथ, बाल संरक्षण वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता में विशिष्ठ अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार यादव, डेप्युटी लेबर कमिश्नर विपिन काला किशोर न्याय बोर्ड सदस्य जयश्री लखोटिया, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रामराज मीना, संरक्षण अधिकारी गोविंद गौतम, अति जिला पुलिस अधीक्षक रविन्द्र सिंह, डिप्टी पुलिस हेमंत नोगिया, अधीक्षक सदर थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज सहित अनेक व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों सहित 150 से अधिक लोगो ने भाग लिया।
वार्ता में राइज फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी मांगीलाल शेखर ने अतिथियों एवं संभागियो का स्वागत करते हुए वार्ता के उद्देश्य बताए कि जिले में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वालों बच्चो के प्रति हमारा नजरिया सकारात्मक कैसे हो सकता, कैसे बच्चों के सुरक्षित वातावरण तैयार करें और सोसायटी ऐसे बच्चों को अपराधो में जाने से कैसे रोका जा सकता है तथा जिला प्रशासन, पुलिस और समाज के बीच समन्वय साथापित करने हेतु वार्ता आयोजित की गई। वार्ता में पूर्व डेप्युटी लेबर कमिश्नर सचिन शर्मा ने बालश्रम से संबंधित कानूनी पहलुओं पर संबोधित किया।
वार्ता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार यादव ने बाल श्रम बाल विवाह एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों पर वार्ता की गई, जिसमे व्यापारियों की ओर से बालश्रम से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विस्तार से समझने की इच्छा जाहिर की गई।
उपरांत जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी जय यादव यादव ने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि बूंदी पुलिस न केवल अपराधों की जांच एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करती है बल्कि बूंदी में चिन्हित ग्राम पंचायतों में बाल अपराध मुक्त बनाने के लिए स्कूलों में बच्चों के साथ समुदाय के व्यक्तियों के साथ अध्यापकों के साथ वार्ता कर चुकी है इसी कड़ी में आज व्यापारियों एवं व्यापारिक संगठनों के साथ बच्चों की सुरक्षा एवं बाल अपराध मुक्त जिला बनाने की दिशा में इस वार्ता का आयोजन किया गया है उन्होंने बताया कि बच्चों को समुदाय को अपने बच्चों से अपेक्षित व्यवहार दूसरे बच्चों से भी करना चाहिए हमें ऐसा कोई नहीं करना चाहिए जो हम अपने बच्चों के सामने नहीं कर सकते सामाजिक नजरिया बदलना होगा और जिले में बाल श्रम बाल विवाह लैंगिक अपराधों जैसे अपराधों से बच्चों को भाषा करनी होगी हम अपने बच्चों के साथ पुरुष है तो लड़कियों के साथ महिलाएं हैं तो लड़कों के साथ समझाने का प्रयास करें आपको यह सा अपराध ना करें क्योंकि बाल अपराध में शामिल होने पर सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है अनेक ऐसे युवा एवं युवक हैं जो अनजाने में दुर्व्यवहार कर बैठते हैं जेल जेल जाना होता है और उन्हें सजा होती ही है। हमें अपने बच्चों को सुरक्षित तो करना है साथ में दूसरे बच्चों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाएगा तभी जिले को बाल अपराध मुक्त बनाया जा सकता है यह कार्य एक या 2 दिन का नहीं है इस कार्य में हम सब लोग मिलकर के कार्य करेंगे तभी हमें सफलता प्राप्त हो सकती है